नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। 12 लाख सैनिकों वाली भारतीय थलसेना को नया सेना प्रमुख मिल गया है। जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को सेना के प्रमुख (आर्मी चीफ) का पदभार संभाल लिया। जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल पूरा होने के बाद एक आधिकारिक समारोह में उन्होंने सेना की कमान जनरल धीरज सेठ को सौंपी।
इससे पहले जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद साउथ ब्लॉक के लॉन में उन्हें औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर विदाई दी गई।
इस मौके पर जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, "आज मैं भारतीय सेना की कमान जनरल धीरज सेठ को सौंप रहा हूं। वह एक सक्षम और अनुभवी सैन्य नेतृत्वकर्ता हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं, उच्च पेशेवर मानकों और अटूट संकल्प के साथ नई ऊंचाइयों को छुएगी। मुझे भरोसा है कि भारतीय सेना अपनी परंपराओं से जुड़ी रहेगी, वर्तमान चुनौतियों के प्रति सतर्क रहेगी और भविष्य की हर परिस्थिति का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहेगी।"
जनरल धीरज सेठ इससे पहले वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने 1 अप्रैल 2026 को सेना के वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का पदभार ग्रहण किया था। करीब 28 सालों के बाद भारतीय सेना को आर्मर्ड कोर से सेना प्रमुख मिला है। इससे पहले वर्ष 1997 में 20 लांसर्स के जनरल शंकर रॉय चौधरी सेना प्रमुख के पद से रिटायर हुए थे।
जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (खड़कवासला) के पूर्व छात्र हैं। दिसंबर 1986 में उन्हें आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था। लगभग 40 साल के अपने सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमान और स्टाफ नियुक्तियों पर कार्य किया है। उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में एक आर्मर्ड रेजिमेंट तथा जम्मू-कश्मीर में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स की कमान संभाली। लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रमोट होने के बाद उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर का नेतृत्व किया।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, जहां उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का सफल नेतृत्व किया। उन्होंने दक्षिण पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में भी सेवा दी। पश्चिमी सीमा पर दो ऑपरेशनल कमानों का नेतृत्व करना अपने आप में एक दुर्लभ उपलब्धि माना जाता है।
ऑपरेशनल कमानों के अलावा उन्होंने कई महत्वपूर्ण स्टाफ और रणनीतिक पदों पर भी कार्य किया। इनमें जम्मू-कश्मीर में एक स्वतंत्र आर्मर्ड ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर, अंगोला में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ ऑपरेशंस ऑफिसर, सेना मुख्यालय में सहायक सैन्य सचिव, दक्षिण-पश्चिमी कमान मुख्यालय में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) तथा डायरेक्टर जनरल, डिसिप्लिन, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर जैसे महत्वपूर्ण दायित्व शामिल हैं।
कैपेबिलिटी डेवलपमेंट और आधुनिकीकरण के क्षेत्र में भी उनका योगदान रहा है। उन्होंने स्ट्रेटेजिक प्लानिंग एंड कैपेबिलिटी डेवलपमेंट निदेशालय में कर्नल (कैपेबिलिटी डेवलपमेंट–मैकेनाइज्ड फोर्सेज), ब्रिगेडियर (पर्सपेक्टिव प्लानिंग एंड एक्विजिशन) और अतिरिक्त महानिदेशक (कैपेबिलिटी डेवलपमेंट) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। भारतीय सेना की लांग टर्म इंटीग्रेटेड प्रस्पेक्टिव प्लान और आधुनिकीकरण रोडमैप तैयार करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जनरल धीरज सेठ का सैन्य करियर खास उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने सभी प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण कोर्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया। जूनियर कमांड कोर्स में पहला स्थान प्राप्त किया और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में 'बेस्ट ऑल-राउंड स्टूडेंट ऑफिसर' का सम्मान हासिल किया। उन्होंने हायर कमांड कोर्स, नेशनल डिफेंस कॉलेज तथा पेरिस में कमांड एंड स्टाफ कोर्स भी पूरा किया है।
भारतीय सेना में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (यूवाईएसएम) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) से सम्मानित किया जा चुका है।
--आईएएनएस
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