नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की वैश्विक सफलता को रेखांकित करते हुए कहा कि यूपीआई ने वित्तीय समावेशन और बड़े पैमाने पर डिजिटल लेनदेन को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के 50 प्रतिशत रियल-टाइम डिजिटल भुगतान यूपीआई तकनीक के माध्यम से हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय "लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" है और पिछले 12 वर्षों में भारत ने इसी मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापारिक नीतियों का आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर नवाचार और तकनीकी समाधानों का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीआई ने देश में करोड़ों लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके माध्यम से छोटे व्यापारियों, स्टार्टअप, एमएसएमई और आम नागरिकों के लिए डिजिटल भुगतान आसान, तेज और सुरक्षित हुआ है। उन्होंने कहा कि यूपीआई केवल भारत की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भी एक भरोसेमंद डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का उदाहरण बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से सड़क, रेलवे, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसी आधारभूत संरचनाओं का विस्तार कर रहा है। इसके साथ ही जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताओं का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यही व्यापक परिवर्तन भारत को वैश्विक विकास और स्थिरता का भरोसेमंद साझेदार बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही हैं, भारत आर्थिक पुल बनाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक भारत ने लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं और भारत का दृष्टिकोण व्यापारिक बाधाओं को कम करने तथा कारोबार के लिए नए अवसरों का विस्तार करने पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान कृषि, स्वास्थ्य, कौशल विकास और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क स्थापित किए गए हैं। साथ ही स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बाजार और वित्तीय संसाधनों से जोड़ने के लिए ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क, ब्रिक्स एमएसएमई पोर्टल और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड जैसी पहल शुरू की गई हैं।
प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से इन सहयोगी मंचों का अधिकतम उपयोग करने और ब्रिक्स देशों के बीच निवेश, तकनीक तथा प्रतिभा के आदान-प्रदान को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
--आईएएनएस
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