नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में थकान और सुस्ती को लोग आम समस्या मानकर अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोग इसे काम के दबाव, कम नींद या मौसम का असर समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स इस संकेत को इतने हल्के में नहीं लेते हैं। उनका कहना है कि बार-बार होने वाली थकान शरीर की ओर से मिलने वाला एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है। समय रहते इस पर ध्यान न देने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, लगातार थका हुआ महसूस करना केवल कमजोरी का संकेत नहीं है, बल्कि यह शरीर में पनप रही कई बीमारियों का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है। खासकर मोटापा और उससे जुड़ी समस्याओं का असर सबसे पहले ऊर्जा के स्तर पर दिखाई देता है। शरीर का वजन बढ़ने के साथ ही कई अंगों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है, जिससे व्यक्ति जल्दी थकने लगता है और पूरे दिन सुस्ती महसूस करता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अनियमित खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव और पर्याप्त नींद न लेना भी इस समस्या को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं। लगातार थकान रहने पर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लीवर और हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक थकान महसूस हो रही है तो उसे इसके कारणों की जांच करानी चाहिए। खासकर यदि थकान के साथ वजन बढ़ना, सांस फूलना, भूख कम लगना या अन्य शारीरिक बदलाव भी दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
इस समस्या से बचाव के लिए जीवनशैली में कुछ आसान बदलाव काफी मददगार साबित हो सकते हैं। संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना, नमक, चीनी, और तेल-घी का सीमित सेवन करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। इसके अलावा, नियमित व्यायाम भी बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट तक पैदल चलने या योग करने की सलाह देते हैं।
गर्मियों के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है। शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन के कारण भी कमजोरी और थकान बढ़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाकर न केवल थकान और सुस्ती से बचा जा सकता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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