नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के रंजीत नगर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विशेष कैंप लगाया गया है। कैंप में मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। यहां पहुंचने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच बीएलओ और संबंधित कर्मचारियों की ओर से की जा रही है। मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य जानकारी में सुधार से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोगों को मौके पर ही जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कैंप में लोगों को एसआईआर की प्रक्रिया, फॉर्म भरने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा, बीएलओ से एसआईआर की प्रक्रिया, लोगों की प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान को लेकर बातचीत भी की जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों को यह सुनिश्चित करने के लिए सहायता दी जा रही है कि प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
एआरओ शिवकुमार शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि एसआईआर को लेकर पहले से ही तैयारी की गई थी। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त से 30 सितंबर तक फॉर्म 6 और 7 भरने की प्रक्रिया निर्धारित थी, लेकिन लोगों की सुविधा को देखते हुए इसकी समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब लोग 30 अक्टूबर तक अपना फॉर्म भर सकते हैं। इसके बाद 30 नवंबर तक संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी और 4 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिन लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाना है, उन्हें फॉर्म 6 दिया जाता है। बीएलओ और कर्मचारी फॉर्म भरने में भी लोगों की मदद कर रहे हैं। वहीं, फॉर्म 7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है या कोई मतदाता किसी दूसरी जगह चला गया है, तो ऐसे मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म 7 का इस्तेमाल किया जाता है।
शिवकुमार शर्मा ने बताया कि फॉर्म 8 का इस्तेमाल मतदाता सूची में पहले से दर्ज जानकारी में संशोधन के लिए किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति अपना नाम एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कराना चाहता है या उसके नाम, पते अथवा अन्य जानकारी में बदलाव की आवश्यकता है, तो फॉर्म 8 के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके लिए संबंधित जानकारी का प्रमाण भी देना होता है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल कैंप में आने वाले लोगों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है और प्राप्त होने वाले सभी फॉर्म पर नियमानुसार काम किया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि लोगों को एसआईआर की प्रक्रिया को समझने और उसे पूरा करने में हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
अधिकारियों के मुताबिक, एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान घर-घर जाकर भी मतदाताओं के सत्यापन और फॉर्म से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जिन लोगों को घर पर प्रक्रिया पूरी करने में किसी तरह की समस्या आ रही है या जिन्हें एसआईआर से जुड़ी जानकारी समझने में कठिनाई हो रही है, उनकी सहायता के लिए विशेष कैंप लगाया गया है। लोग कैंप में पहुंचकर अपनी समस्या बता सकते हैं और संबंधित कर्मचारियों से जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
जरूरत पड़ने पर लोगों को फोन के माध्यम से भी जानकारी दी जा रही है और उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि किसी मतदाता की मृत्यु हो चुकी है या कोई व्यक्ति किसी अन्य स्थान पर चला गया है, तो ऐसे मामलों के लिए भी निर्धारित प्रावधान के तहत कार्रवाई की जा रही है। फॉर्म में दी गई जानकारी और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ऐसे मामलों को भी एसआईआर की प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
कैंप में पहुंचे राहुल ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि दस्तावेजों से जुड़ी कुछ समस्याएं थीं, जिसके कारण उन्हें कैंप में आना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लोगों की सुविधा के लिए जो व्यवस्था की गई है, वह अच्छी है। उन्हें एसआईआर को लेकर कुछ जानकारी चाहिए थी और कुछ दस्तावेजों से संबंधित परेशानियां भी थीं। कैंप में आने के बाद कर्मचारियों ने उनकी बात सुनी और पूरी प्रक्रिया समझाई, जिससे अब उन्हें काफी आसानी हो गई है।
वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि एसआईआर को लेकर उन्हें कुछ समस्याएं थीं लेकिन कैंप में आने के बाद उनका समाधान हो गया। लोगों का कहना है कि उन्हें जिस तरह की जानकारी और सहायता की जरूरत थी, वह यहां उपलब्ध कराई जा रही है। कर्मचारी उनकी समस्याओं को सुनने के साथ-साथ जरूरी प्रक्रिया के बारे में भी समझा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी पूरा सहयोग कर रहे हैं। जब भी वे फोन करते हैं तो अधिकारी और कर्मचारी उनकी कॉल का जवाब देकर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराते हैं। कैंप लगाए जाने से लोगों को काफी सुविधा हो रही है। यदि घर पर किसी कारण से एसआईआर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है, तो लोग कैंप में आकर अपनी समस्या बता सकते हैं। यहां कर्मचारी दस्तावेजों की जांच करने के बाद आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
विशाल सिंह ने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली थी कि उनके फॉर्म में कुछ समस्या है और उसे ठीक कराने के लिए कैंप में आ सकते हैं। इसके बाद उनके परिवार का एक सदस्य कैंप में पहुंचा और संबंधित जानकारी को ठीक कराया। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी पूरा सहयोग कर रहे हैं और किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है।
उन्होंने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर पहले कई लोगों को यह जानकारी नहीं थी कि उन्हें क्या करना है और कौन-कौन से दस्तावेज उपलब्ध कराने हैं। कैंप में आने के बाद उन्हें पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिल रही है। बीएलओ और अधिकारियों की ओर से मिल रहे सहयोग के कारण लोगों के लिए एसआईआर की प्रक्रिया को पूरा करना आसान हो रहा है।
--आईएएनएस
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