नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना के योद्धा व परमवीर चक्र विजेता फ्लाइट लेफ्टिनेंट निर्मलजीत सिंह सेखों की याद में रविवार 4 अक्टूबर को ‘सेखों’ इंडियन एयर फोर्स मैराथन 2026 आयोजित की गई। अमर शहीद निर्मलजीत सिंह सेखों की याद में देश भर के अलग-अलग शहरों में एयर फोर्स मैराथन हुई। नई दिल्ली में स्वयं वायुसेना प्रमुख एपी सिंह इस मैराथन का हिस्सा बने।
इस अवसर पर वायुसेना ने निर्मलजीत सिंह सेखों को अपना आदर्श बताया। निर्मलजीत सिंह सेखों की याद में रविवार 4 अक्टूबर को देशभर के विभिन्न शहरों में एक साथ मैराथन हुई। इसमें चंडीगढ़, राजस्थान व पूर्वोत्तर राज्य शामिल रहे। पूर्वोत्तर के मैदानों से लेकर पश्चिम के रेगिस्तानों तक हर जगह देशवासियों ने भारतीय वायुसेना के पराक्रम और शौर्य को सलाम किया। नई दिल्ली में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में सेखों इंडियन एयर फोर्स मैराथन के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया।
गौरतलब है कि सेंखो वायुसेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं। उनकी याद में 21, 10 व 5 किलोमीटर की मैराथन कैटेगरी आयोजित की गईं। निर्मलजीत सिंह सेखों वह परम वीर थे जिन्होंने 1971 के युद्ध में अपने लड़ाकू विमान से पाकिस्तान के आधा दर्जन फाइटर जेटस का वीरतापूर्वक मुकाबला किया था। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के लड़ाकू विमान को मार गिराया था। युद्ध में लड़ते हुए देश के लिए उन्होंने अपने प्राण न्योछावर तक कर दिए और सर्वोच्च बलिदान दिया था।
दरअसल 1971 में 14 दिसंबर के दिन पाकिस्तानी सेना के छह लड़ाकू विमानों ने भारत की श्रीनगर एयरफील्ड पर हमला किया था। उस दिन दुश्मन को सबक सिखाने के लिए ग्नैट पायलट के रूप में तैनात निर्मलजीत सिंह सेखों ने वीरता की उड़ान भरी। पाकिस्तानी हवाई हमले को नाकाम करने के लिए सेखों, हवा में दुश्मन के सामने आ गए। इस लड़ाई में उन्होंने एक पाकिस्तानी सेबर जेट को मार गिराया। इसके बाद पाकिस्तान के दूसरे लड़ाकू विमान को भारी नुकसान पहुंचाया।
निर्मलजीत सिंह पाकिस्तानी वायुसेना के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए। उन्होंने अंतिम सांस तक अपने श्रीनगर बेस की रक्षा की। उनकी इस वीरता व बलिदान को याद करते हुए लगातार दूसरे वर्ष मैराथन आयोजित की गई है। यह केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि उनकी देशभक्ति और अनुशासन व वीरता को श्रद्धांजलि थी। 4 अक्टूबर को सूरज की पहली किरणें के साथ नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हजारों कदम एक साथ सेंटों के बलिदान को याद करते हुए आगे बढ़े।
भारत के कोने-कोने से, अलग-अलग उम्र, भाषा और पृष्ठभूमि के लोग एक ही भावना के साथ दौड़ें। यह दौड़ देश के लिए और सेखों के नाम पर थी। इसमें हुए वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह भी शामिल हुए। चंडीगढ़ में भी 'सेखों इंडियन एयर फोर्स मैराथन 2026' का दूसरा संस्करण आयोजित किया गया। असम के गुवाहाटी में वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी व सामान्य नागरिक 'सेखों इंडियन एयर फोर्स मैराथन' में शामिल हुए। राजस्थान के जोधपुर में भी भारतीय वायु सेना ने 'सेखों इंडियन एयर फोर्स मैराथन' का आयोजन किया।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस