शेन्जेन, 2 सितंबर (आईएएनएस)। बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 टूर्नामेंट चाइना मास्टर्स में चीनी ताइपे की जोड़ी लियू कुआंग हेंग और ह्सू यिन-हुई ने बुधवार को एक बड़ा उलटफेर करते हुए हाल ही में वर्ल्ड चैंपियन बने थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू को सीधे गेम में हराया।
विश्व की 48वीं मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए महज 38 मिनट में गिक्वेल-डेलरू के खिलाफ 23-21, 21-10 से जीत दर्ज की। उन्होंने पहले गेम में पिछड़ने के बाद वापसी की और फिर दूसरे गेम में दबदबा बनाते हुए फ्रांस की जोड़ी को हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
लियू/ह्सू की जोड़ी पहले गेम में 17-19 से पीछे चल रही थी, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी की। उन्होंने स्कोर बराबर किया, एक गेम प्वाइंट बचाया और कड़े मुकाबले में पहला गेम 23-21 से अपने नाम कर लिया। इसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ गया और दूसरे गेम में उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए 21-10 से आसान जीत दर्ज की।
बीडब्ल्यूएफ के मुताबिक, लियू ने कहा, "हमें पता था कि वे हाल ही में विश्व चैंपियन बने हैं, इसलिए हम उनके खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते थे। हम उन्हें हराने के लिए और भी ज्यादा प्रेरित थे।" मौजूदा विश्व चैंपियन जोड़ी के खिलाफ मिली शानदार जीत के बारे में ह्सू ने कहा कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण आक्रामक खेल था। उन्होंने बताया कि वे पूरे मैच में अटैक करने की रणनीति पर कायम रहे और उसे सही तरीके से मैदान पर लागू करने में सफल रहे। उन्होंने कहा, "यह हमारा अटैक था। हमने वही किया जो हमें करना था और अपने गेम प्लान को अच्छे से लागू किया। इससे हमें शुरुआत में ही बढ़त बनाने का मौका मिला।"
लियू के अनुसार, पहले गेम में आए नाटकीय बदलाव ने मुकाबले का रुख भी बदल दिया। इससे कमजोर मानी जा रही जोड़ी का आत्मविश्वास बढ़ा, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वियों पर दबाव बढ़ता गया। लियू ने कहा, "दबाव उन पर था और हमारा मूड अच्छा था। इससे हमें और भी अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने खेलने के तरीके पर कायम रहने में मदद मिली।"
यह जीत लियू/ह्सू की शानदार फॉर्म को आगे बढ़ाती है। इस जोड़ी ने जून के अंत में यूएस ओपन का खिताब जीता था और उसके अगले ही हफ्ते कनाडा ओपन के फाइनल में भी जगह बनाई थी। लगातार अच्छे प्रदर्शन से साफ है कि दोनों खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और लय लगातार बेहतर हो रही है।
ह्सू ने बताया कि उनकी सफलता का बड़ा कारण खेल के कुछ अहम पहलुओं में सुधार करना है। खासतौर पर दोनों खिलाड़ियों के बीच तालमेल बेहतर हुआ है और वे रैली की शुरुआत में पहले से ज्यादा प्रभावी रणनीति के साथ खेल रहे हैं। उन्होंने कहा, "मुख्य कारण हमारी बातचीत है और यह कि हमने अपनी सर्विस और रिसीव को अच्छी तरह से सेट किया था। हम ट्रेनिंग में इन चीजों पर काम कर रहे थे और अब इसके नतीजे दिख रहे हैं।”
वहीं, गिक्वेल और डेलरू के लिए यह हार काफी निराशाजनक रही। विश्व चैंपियन बनने के सिर्फ दो हफ्ते बाद खेले जा रहे उनके पहले टूर्नामेंट का सफर इसी मुकाबले के साथ खत्म हो गया। गिक्वेल ने कहा कि उनकी जोड़ी ने मैच की शुरुआत अच्छी की थी, लेकिन बाद में वे अपनी लय बनाए नहीं रख सके। मैच आगे बढ़ने के साथ उनका खेल कमजोर पड़ता गया और वे अपने सामान्य स्तर का प्रदर्शन करने में संघर्ष करते रहे। गिक्वेल ने माना, “यह अच्छा प्रदर्शन नहीं था। शुरुआत ठीक थी, लेकिन फिर हम थोड़े तनाव में आ गए। हम अपना खेल खेलना और उन्हें मूव कराना भूल गए।”
--आईएएनएस
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