छह हजार साल पुराने रजरप्पा के छिन्नमस्तिका मंदिर में नवरात्रि साधना के लिए देशभर से पहुंचे उपासक
रांची, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। जंगलों, पहाड़ियों और नदियों से घिरा क्षेत्र, जगह-जगह साधना करते लोग, मंत्रोच्चार से गूंजता वातावरण, हवन कुंडों से उठती ज्वाला। यह रजरप्पा है। यहां है करीब छह हजार साल पुराना बताया जाने वाला मां छिन्नमस्तिका का मंदिर। पौराणिक आख्यानों के साथ-साथ साधकों-तपस्वियों की मान्यता है कि छिन्नमस्तिका का यह धाम असम के कामरूप कामाख्या के बाद दूसरे सबसे जागृत शक्तिपीठ है।