'शांति, विश्वास, आस' सब टूटी, अब शिखर पर बैठकर 'संजय' से पार्टी में महाभारत का हाल सुनेंगे केजरीवाल
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। 2012 में बनी आम आदमी पार्टी (आप) के नाव से ऐसे तो सवार लगातार उतरते रहे हैं। लेकिन, 2026 के अप्रैल महीने की 24 तारीख को जिस सियासी भंवर में पार्टी की नाव फंसी उसने तो पूरी पार्टी की ही जड़ें हिलाकर रख दी। पार्टी के तीन राज्यसभा सांसदों ने मीडिया के सामने आकर पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी और भाजपा में शामिल हो गए।