महिलाओं में क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन से कमजोरी और हृदय रोग का खतरा : अध्ययन
नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। एक नए अध्ययन के अनुसार क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन महिलाओं में कमजोरी, सामाजिक असमानता और हृदय रोग (सीवीडी) के बढ़ते जोखिम से जुड़ी हो सकती है।
नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। एक नए अध्ययन के अनुसार क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन महिलाओं में कमजोरी, सामाजिक असमानता और हृदय रोग (सीवीडी) के बढ़ते जोखिम से जुड़ी हो सकती है।
नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। आज के समय में खराब जीवनशैली, घंटों बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण स्लिप डिस्क यानी 'हर्नियेटेड डिस्क' की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें रीढ़ की हड्डी के बीच मौजूद डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है, जिससे तेज पीठ दर्द, चलने-फिरने में दिक्कत और यहां तक कि नसों पर दबाव पड़ने से शरीर के अन्य भागों में भी दर्द फैल सकता है। आयुर्वेद और योग में इसका इलाज संभव है, और नियमित रूप से विशेष योगासनों का अभ्यास करके इस समस्या में राहत पाई जा सकती है।
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। मां बनना हर महिला के जीवन का सबसे खास अनुभव होता है, लेकिन अगर महिला एचआईवी पॉजिटिव हो, तो यह सफर थोड़ा मुश्किल हो सकता है। ऐसे में मां और उसके बच्चे की सेहत को लेकर कई सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। पहले ऐसा माना जाता था कि एचआईवी पॉजिटिव महिला के बच्चे को भी यह संक्रमण हो जाएगा, लेकिन अब समय बदल चुका है। अगर सही इलाज समय पर शुरू हो और डॉक्टरी सलाह का ठीक से पालन किया जाए, तो एचआईवी पॉजिटिव मां भी एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है और उसे स्तनपान करा सकती है।
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। एक महिला के जीवन में मां बनना सबसे सुखद पल होता है लेकिन यह खुशी आसान नहीं होती। डिलीवरी के समय महिला के शरीर को काफी कष्ट झेलना पड़ता है, जिसके चलते शारीरिक और मानसिक रूप से काफी थकान हो जाती है। शरीर में कमजोरी, पीठ दर्द, भूख न लगना जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इस समय को आयुर्वेद में 'सुतिका काल' कहा गया है। यह डिलीवरी के बाद का लगभग 45 दिनों का समय होता है, जिसमें मां को खास देखभाल की जरूरत होती है। इस दौरान सही खानपान और आराम से महिला का शरीर पहले जैसे हालात में लौट सकता है और वह अपने बच्चे को अच्छे से दूध पिला सकती है।
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। मॉनसून के मौसम में डेंगू एक बार फिर लोगों की चिंता का कारण बन रहा है। मच्छरों के काटने से फैलने वाली यह बीमारी अक्सर बुखार के रूप में शुरू होती है, लेकिन इसका असर सिर्फ तेज तापमान तक सीमित नहीं रहता। कई बार तो डेंगू से ठीक हो जाने के बाद भी मरीज हफ्तों तक थकान, कमजोरी, जोड़ों में दर्द और भूख न लगने जैसी परेशानियों से जूझते रहते हैं। इसका कारण है बीमारी के दौरान शरीर में तेजी से प्लेटलेट्स का गिरना, पोषक तत्वों की भारी कमी और शरीर में पानी की कमी होना।
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। ‘द लैंसेट’ जर्नल की एक नई रिपोर्ट ने बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण को बेहद खतरनाक बताया है। ये रिपोर्ट कहती है कि लोग भांप नहीं पाए हैं कि प्लास्टिक इंसानों और पर्यावरण के लिए कितना बड़ा खतरा है। मानव और पर्यावरण के लिए ये अनदेखा खतरा है।
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। ब्रेस्ट फीडिंग वीक (1-7 अगस्त) जारी है। स्तनपान कराने वाली माताओं को अपने आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि उनका भोजन शिशु के स्वास्थ्य पर सीधा असर डालता है। कुछ खाद्य पदार्थ मां के लिए हानि रहित हो सकते हैं, लेकिन दूध के माध्यम से शिशु तक पहुंचने पर उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय इस बारे में जानकारी के साथ ही सलाह भी देता है।
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हर कोई किसी न किसी बात को लेकर उदास, निराश, थका या आत्मग्लानि महसूस करने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यह लगातार दो हफ्तों से अधिक समय तक चले तो किसी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। यह स्थिति डिप्रेशन, एंग्जायटी या इमोशनल बर्नआउट की ओर इशारा कर सकती है, जिसका समय रहते इलाज जरूरी है। ऐसे में जहां एक ओर मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूरी है, वहीं दूसरी ओर योग और प्राणायाम से भी मानसिक स्थिरता पाई जा सकती है।
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र में “जन सेवा केंद्र” का उद्घाटन कर इसे जनता की सेवा के लिए समर्पित किया। इस अवसर पर सांसद बांसुरी स्वराज और स्थानीय विधायक शिखा राय भी मौजूद रहीं। इस मौके पर फरीदाबाद के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एसएस बंसल ने कहा कि इस पहल से मरीजों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली की कैलाश कॉलोनी में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एसएसबी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का लोकार्पण मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया। सीएम रेखा गुप्ता ने ऐलान किया कि दिल्ली के सभी सरकारी हॉस्पिटलों को पीपीपी मॉडल पर लाया जा रहा है।