मोक्ष नगरी का पिशाच मोचन कुंड, जहां भटकती आत्माओं को मिलती है मुक्ति

IANS | April 18, 2025 2:48 PM

वाराणसी, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। “नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि...” गीता में श्रीकृष्ण बताते हैं कि आत्मा अजर है, अमर है। लेकिन अकाल मृत्यु होने वाले इंसान की आत्मा वर्षों भटकती रहती है। बाबा श्री काशी विश्वनाथ के त्रिशूल पर टिकी नगरी में भटकती आत्मा को भी मोक्ष मिल जाता है। जी हां! गरुण पुराण के काशी खंड में पिशाच मोचन कुंड का उल्लेख मिलता है, जहां पितरों को प्रेत बाधा और अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है। यहां पर आत्माओं का उधार भी चुकाया जाता है।

पोषक तत्वों से भरपूर हरी मिर्च, भोजन का बढ़ाए स्वाद तो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

IANS | April 18, 2025 11:25 AM

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। साहित्यकार हजारी प्रसाद द्विवेदी ने अपने निबंध ‘अशोक के फूल’ में कहा है, “मिर्च बिना, जिंदगी में स्वाद नहीं…” वहीं, आयुर्वेद कहता है कि औषधीय गुणों से भरपूर मिर्च केवल भोजन का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम है। मिर्च के सेवन से अनेकों लाभ मिलते हैं।

काशी का नाग कूप, पाताल लोक से है सीधा कनेक्शन, पूजन से दूर होते हैं कालसर्प-वास्तु दोष

IANS | April 17, 2025 12:57 PM

वाराणसी, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। “गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्‌…” रावण की रचना ‘शिव तांडव’ में भोलेनाथ के अद्वितीय रूप का वर्णन है। बाबा अपने गले में सर्पों का हार पहने हैं... जहां-जहां भोलेनाथ, वहां-वहां उनके परम भक्त नाग देव। ऐसे में भला शिव की निराली नगरी काशी की बात कैसे न की जाए। जहां एक तरफ संकरी गलियों में सहजता से चलते सांड मिल जाएंगे, तो वहीं दूसरी ओर धर्मनगरी में स्थित है नाग कूप, जिसका द्वार सीधा नागलोक में खुलता है।

महिलाओं का दोस्त है ‘सौ जड़ों वाला पौधा’ शतावरी

IANS | April 17, 2025 11:00 AM

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। कोमल और चमकती छोटी-छोटी नुकीली शतावरी की झाड़ीदार लताएं घर और बगीचे की खूबसूरती में अक्सर चार चांद लगाती दिख जाती हैं। ‘सौ जड़ों वाला पौधा’ शतावरी का आयुर्वेद में खासा स्थान है। आयुर्वेदाचार्य इसे महिलाओं की शारीरिक समस्याओं को दूर करने वाला बताते हैं।

शिव की काशी पर मोहित हो गई थीं 64 योगिनियां, यहीं बस गईं, अब चौसट्टी देवी के रूप में होती है पूजा

IANS | April 16, 2025 1:25 PM

वाराणसी, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। “देखी तुमरी काशी, जहां विराजैं विश्वनाथ विश्वेश्वरजी अविनाशी…” हिंदी साहित्यकार भारतेन्दू हरिश्चंद्र की यह कविता काशी की सुंदरता का उल्लेख करती है। इसी सुंदरता और निरालेपन को देखने के लिए हर साल 10 करोड़ से ज्यादा पर्यटक शिवनगरी पहुंचते हैं। धार्मिक ग्रंथ बताते हैं कि 64 योगिनियां भी काशी आई थीं। मगर, उन्हें यह नगरी इतनी प्रिय लगी कि वे यहीं पर रह गईं। माता की चौसट्टी देवी के रूप में पूजा होती है।

सेंसेक्स 1,310 अंक चढ़कर हुआ बंद, ऑटो और फार्मा शेयर उछले

IANS | April 11, 2025 4:10 PM

मुंबई, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बड़ी तेजी के साथ बंद हुआ। बाजार के सभी सूचकांकों में खरीदारी देखी गई। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,310 अंक या 1.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,157 और निफ्टी 429 अंक या 1.92 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,828 पर था।