नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद-बाघेर गालिबाफ अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण नई दिल्ली में होने वाले 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। हालांकि, दो दिवसीय बैठक में ईरान का संसदीय प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा।
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने शनिवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसे साझा किया गया। बयान के अनुसार, ईरान की इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद-बाकर गालिबाफ ब्रिक्स सदस्य देशों की संसदों के अध्यक्षों की बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे।
दूतावास ने स्पष्ट किया, "गालिबाफ की अनुपस्थिति के बावजूद ईरानी संसदीय प्रतिनिधिमंडल बैठक में भाग लेगा।" ईरान ने ब्रिक्स के सदस्य के रूप में इस समूह के शिखर सम्मेलनों और बैठकों में उच्चतम स्तर पर सक्रिय एवं प्रभावी भागीदारी की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
बयान में कहा गया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ संवाद और विचार-विमर्श जारी रखेगा। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग का विस्तार करना तथा उसे और मजबूत बनाना है। इसमें विशेष रूप से संसदीय संबंधों और सहयोग पर जोर दिया जाएगा।
ईरानी दूतावास ने इस बैठक की मेजबानी के लिए भारत सरकार की ओर से की गई व्यवस्थाओं और आतिथ्य के प्रति आभार भी व्यक्त किया। दूतावास ने ब्रिक्स सदस्य देशों की संसदों के अध्यक्षों की बैठक की सफलता की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे सदस्य देशों के बीच सहयोग और सहभागिता को मजबूत करने वाले रचनात्मक परिणाम सामने आएंगे।
ब्रिक्स में भारत और ईरान की भागीदारी दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
भारत 26 और 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित संविधान सदन (संसद भवन) के केंद्रीय कक्ष में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की मेजबानी कर रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इसकी अध्यक्षता करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ने गुरुवार (22 अक्टूबर) को एक प्रेस वार्ता में बताया कि, बैठक में संसदीय संवाद को मजबूत करने, शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, एआई और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
--आईएएनएस
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