मुंबई, 15 जनवरी (आईएएनएस)। कबीर बेदी बॉलीवुड और इंटरनेशनल सिनेमा के एक ऐसे अभिनेता हैं, जिनकी जिंदगी और करियर किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। अपने करियर में उन्होंने सिर्फ फिल्मों में ही नहीं बल्कि मॉडलिंग, थियेटर और टीवी में भी नाम बनाया।
फिल्मों में आने से पहले कबीर ने मॉडलिंग की और बाद में उन्होंने करण जौहर की फिल्म 'माय नेम इज खान' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें अभिनय तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि फिल्म निर्माण के हुनर को भी दर्शकों के सामने रखा।
कबीर बेदी का जन्म 16 जनवरी 1946 को लाहौर में एक सिख परिवार में हुआ था। उन्होंने बचपन से ही हमेशा कला और अभिनय की ओर झुकाव महसूस किया। उन्होंने पढ़ाई पूरी करने के बाद मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। मॉडलिंग से उन्हें पहचान मिली और धीरे-धीरे वह फिल्म उद्योग की ओर बढ़ने लगे। उनकी पहली हिंदी फिल्म 'हलचल' 1971 में आई, जिसने उन्हें बॉलीवुड में पहला मुकाम दिलाया। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, जिनमें 'खून भरी मांग', 'मैं हूं ना', और 'द हीरो: लव स्टोरी ऑफ अ स्पाई' जैसी फिल्में शामिल हैं।
कबीर ने बॉलीवुड के अलावा इंटरनेशनल सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने इटली में बनी टीवी सीरीज 'सैंडोकन' में काम किया, जिसे यूरोप में बहुत सफलता मिली। इस सीरीज ने उन्हें यूरोप में सुपरस्टार बना दिया और हर जगह उनके फैंस बन गए। हॉलीवुड में भी कबीर ने काम किया, जिसमें सबसे प्रसिद्ध फिल्म 'ऑक्टोपसी' रही। इस फिल्म में उन्होंने जेम्स बॉन्ड की दुनिया में विलेन का रोल निभाया, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
कबीर केवल अभिनेता ही नहीं रहे, बल्कि उन्होंने अपने करियर में नए तरीके से खुद को साबित किया। उन्होंने कई विज्ञापन किए, थिएटर में अभिनय किया, और बड़े कलाकारों के साथ काम करने का अनुभव भी लिया। इसके अलावा, उन्होंने करण जौहर की फिल्म 'माय नेम इज खान' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया। वह सिर्फ कैमरे के सामने ही नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे भी काम करने में सक्षम हैं।
उनके करियर में उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान भी मिले। उन्हें अभिनय और इंटरनेशनल काम के लिए सराहा गया।
--आईएएनएस
पीके/एबीएम