नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि सरकार मोटरस्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि लगभग 13 साल बाद 2027 से पहले भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी हो सकती है।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी की तैयारी चल रही है और हमारा लक्ष्य 2027 से पहले एफ1 रेस को होस्ट करना है।
उन्होंने कहा, "लगभग 13 साल के गैप के बाद भारत में फॉर्मूला 1 (एफ1) की वापसी की तैयारी चल रही है। ट्रैक से जुड़े मसले सुलझा लिए गए हैं और अगले छह महीनों में काम पूरा होने की उम्मीद है। टारगेट 2027 से पहले भारत में फिर से एफ1 रेस होस्ट करना है।"
इसके अलावा, खेल मंत्री ने कहा कि मोटोजीपी जैसे इवेंट्स को जल्द ही भारत में लाने का प्लान है, जिसमें जरूरी सुधार अभी चल रहे हैं।
फॉर्मूला 1 इंडियन ग्रैंड प्रिक्स 2011 से 2013 तक तीन सीजन के लिए उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में हुआ था। रेड बुल रेसिंग के लिए ड्राइव करते हुए सेबेस्टियन वेट्टल ने तीनों रेस जीती थीं। टैक्स, ज्यादा खर्च और अन्य दिक्कतों की वजह से 2013 के बाद इस इवेंट को कैलेंडर से हटा दिया गया था।
बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट भारत में इंटरनेशनल मोटरस्पोर्ट लाने वाला पहला सर्किट था, जो 2011 में फॉर्मूला 1 इंडियन ग्रैंड प्रिक्स के होस्ट के तौर पर सामने आया था।
हरमन टिल्के का डिजाइन किया हुआ यह ट्रैक ड्राइवरों को काफी पसंद आया और ऐसा लग रहा था कि यह भारत को इंटरनेशनल मोटरस्पोर्ट कैलेंडर में मजबूती से जगह दिला देगा। दुख की बात यह रही कि टैक्स विवाद के कारण फॉर्मूला 1 रेस का फैंस भारत में ज्यादा समय तक आनंद नहीं ले सके। दो रेस के बाद ग्रैंड प्रिक्स को 2014 के लिए सस्पेंड कर दिया गया और आखिरकार कैलेंडर से पूरी तरह हटा दिया गया।
मांडविया ने यह भी दोहराया कि सरकार का ध्यान हर स्तर पर खेलों को मजबूत करने और अगली पीढ़ी को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर है।
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