भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी है: अश्विनी वैष्णव

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी है: अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगे टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अमेरिका के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत की ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अमेरिका और भारत विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। दोनों देश स्वाभाविक सहयोगी हैं। भारत और अमेरिका के पास शांति और विकास के लिए मिलकर काम करने की अपार क्षमता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत की ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं। दोनों देश मिलकर ऐसी प्रौद्योगिकियां विकसित कर सकते हैं और ऐसे समाधान तैयार कर सकते हैं जिनसे विश्व को लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौता दोनों देशों के उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी है। इस समझौते से दोनों देशों के नागरिकों और उद्योगों को व्यापक लाभ होगा।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आज अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करके बहुत अच्छा लगा। यह जानकर बेहद खुशी हुई कि अब 'मेड इन इंडिया' उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। इस शानदार घोषणा के लिए भारत की 140 करोड़ की आबादी की ओर से राष्ट्रपति ट्रम्प को हार्दिक धन्यवाद।

उन्होंने कहा कि जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को लाभ होता है और पारस्परिक लाभकारी सहयोग के अपार अवसर खुलते हैं।

उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प का नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत शांति के लिए उनके प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है। मैं उनके साथ मिलकर काम करने और हमारी साझेदारी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तत्पर हूं।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों को लेकर चर्चा हुई। इनमें व्यापार समेत अन्य मुद्दे शामिल रहे। इसकी जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दी।

--आईएएनएस

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