बीएपीएस के प्रमुखस्वामी महाराज का ऐतिहासिक जीवनचरित्र बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

बीएपीएस के प्रमुखस्वामी महाराज का ऐतिहासिक जीवनचरित्र बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। परम पूज्य प्रमुखस्वामी महाराज के जीवन पर आधारित 13 खंडों का यह जीवनचरित्र, जो 8,848 पृष्ठों और 21,46,447 शब्दों में विस्तृत है, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा एकल लेखक द्वारा लिखित विश्व के सबसे लंबे जीवनचरित्र के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका है।

‘ब्रह्मस्वरूप प्रमुखस्वामी महाराज: विस्तृत जीवन एवं कार्य’ शीर्षक वाली इस जीवनी के लेखक संस्कृत विद्वान साधु आदर्शजीवनदास, पीएच.डी. हैं। इसमें बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के दिवंगत आध्यात्मिक प्रमुख प्रमुखस्वामी महाराज (1921–2016) के 94 वर्षों के जीवन और उनकी विरासत का विस्तृत वर्णन किया गया है।

यह कृति प्रमुखस्वामी महाराज के आध्यात्मिक नेतृत्व, विनम्रता, भक्ति और निःस्वार्थ सेवा के साथ-साथ विश्वभर के व्यक्तियों और समुदायों की सेवा करने तथा उन्हें प्रेरित करने के उनके कार्यों का दस्तावेजीकरण करती है। इसका शोध और लेखन जुलाई 2017 से अगस्त 2020 तक 38 महीनों में किया गया।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाणपत्र परम पूज्य महंत स्वामी महाराज को रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को ओवीओ एरीना वेम्बली में, उनकी 93वीं जयंती के अवसर पर प्रदान किया गया। इस अवसर पर एरीना में उपस्थित 11,000 लोग इसके साक्षी बने, जबकि विश्वभर में दसियों हजार लोगों ने इसे लाइव वेबकास्ट के माध्यम से देखा।

प्रमाणपत्र प्रदान करने वाले वरिष्ठ निर्णायक कार्ल सैविल ने कहा, “एकल लेखक द्वारा लिखित सबसे लंबे जीवनचरित्र के लिए आज का यह प्रमाणपत्र प्रदान करना, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से इसे प्रस्तुत करना मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता, विशेषाधिकार और सम्मान की बात रही है।"

“एक ब्रांड के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर की असाधारण उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण करना और उन अनूठी एवं विशेष उपलब्धियों को साझा करना है, जिन्हें आज तक पृथ्वी पर किसी अन्य व्यक्ति ने हासिल नहीं किया है। इसलिए, पूरे जीवनकाल में अर्जित की गई इस विशेष उपलब्धि के लिए इस शीर्षक की प्रासंगिकता अत्यंत प्रभावशाली है।”

साधु आदर्शजीवनदास ने कहा, “इस जीवनचरित का विषय लेखक से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। परम पूज्य प्रमुखस्वामी महाराज ने अपना जीवन गहन आध्यात्मिकता, गहन विनम्रता तथा वैश्विक सद्भाव, करुणा और सहानुभूति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से परिभाषित किया। उनके दिव्य जीवन और स्थायी विरासत का दस्तावेजीकरण करना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात रही है।”

यह जीवनचरित केवल अपने असाधारण विस्तार के कारण उल्लेखनीय नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिकता, सेवा और दूसरों के कल्याण के लिए समर्पित जीवन का एक विस्तृत ऐतिहासिक अभिलेख भी है। यह वर्तमान और भावी पीढ़ियों के लिए प्रमुखस्वामी महाराज के जीवन और कार्य को संरक्षित करता है। इन खंडों की 3,10,000 से अधिक प्रतियाँ पहले ही बिक चुकी हैं।

यह मान्यता बीएपीएस की एक अन्य गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स उपलब्धि के बाद मिली है। फरवरी 2026 में भारत के वडोदरा में 12,723 बच्चों ने एक साथ संस्कृत के सत्संग दीक्षा के श्लोकों का पाठ किया और ‘एक साथ सर्वाधिक लोगों द्वारा हिंदू ग्रंथ-पाठ’ का रिकॉर्ड बनाया। व्यापक पहल के अंतर्गत 15,000 से अधिक बच्चों ने सभी 315 संस्कृत श्लोक कंठस्थ किए थे।

--आईएएनएस

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