योग सिर्फ व्यायाम नहीं, मन की शांति और संतुलन का भी जरिया : आयुष मंत्रालय

योग सिर्फ व्यायाम नहीं, मन की शांति और संतुलन का भी जरिया : आयुष मंत्रालय

नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के करीब आने के साथ ही भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योग को अपनाने और अपनी दिनचर्या में शांति लाने की अपील की है। 21 जून को मनाए जाने वाले योग दिवस से पहले मंत्रालय ने लोगों को जागरुक करते हुए बताया कि योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन की शांति, संतुलन का एक मजबूत जरिया है।

मंत्रालय के अनुसार, आज की तेज रफ्तार वाली दुनिया में संतुलन बनाए रखना चुनौती बन गया है और शांति एक सतत अभ्यास है। योग हमारे शरीर की हलचल से कहीं आगे जाता है। यह मन को शांत करता है, करुणा जगाता है और हमारे अस्तित्व को गहराई प्रदान करता है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे रोज कुछ पल रुककर गहरी सांस लें और उन मूल्यवान चीजों से दोबारा जुड़ें जो जीवन में सचमुच मायने रखती हैं।

हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि “जब हमें अपने भीतर शांति मिलती है, तो हम अपने आस-पास भी शांति का निर्माण करते हैं।” शोर, टकराव और लगातार प्रतिक्रियाओं से भरी दुनिया में योग हमें ‘ठहरने’ की शक्ति सिखाता है। हर सचेत सांस और हर योग अभ्यास तालमेल, करुणा तथा सामूहिक भलाई की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

साथ ही, योग एक्सपर्ट्स नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करें। चाहे सूर्य नमस्कार हो, ध्यान हो या प्राणायाम छोटे-छोटे अभ्यास भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। योग न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य सुधारता है बल्कि मानसिक तनाव कम करता है, भावनात्मक संतुलन बनाता है और सेहतमंद रखता है।

मंत्रालय के मुताबिक, योग का अभ्यास व्यक्ति को अपनी प्रतिक्रियाओं पर नियंत्रण सिखाता है। जब हम शांत रहते हैं तो बेहतर फैसले ले पाते हैं और दूसरों के प्रति अधिक सहानुभूति रखते हैं। ऐसे में योग दिवस न सिर्फ एक वार्षिक उत्सव है, बल्कि रोजाना शांति चुनने का संकल्प भी है। खास बात है कि योगासन का अभ्यास कहीं भी और किसी भी उम्र के व्यक्ति कर सकते हैं, ये बच्चों से लेकर बड़ों यानी हर उम्र के लिए फायदेमंद है।

--आईएएनएस

एमटी/एएस