आकिब नबी को उनकी मेहनत का फल मिला, वह सच में हैं हकदार : सुनील कुमार

आकिब नबी को उनकी मेहनत का फल मिला, वह सच में हैं हकदार : सुनील कुमार

नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से जसप्रीत बुमराह के बाहर होने के बाद आकिब नबी को पहली बार भारतीय टीम से बुलावा आया है। 15 अगस्त से शुरू हो रही सीरीज में आकिब के पास अपनी काबिलियत को इंटरनेशनल स्टेज पर साबित करने का सुनहरा मौका होगा।

आकिब ने रणजी ट्रॉफी के पिछले दो सीजन में 104 विकेट निकाले हैं। उन्होंने रणजी ट्रॉफी की इस सीजन में 60 विकेट लेते हुए जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण आकिब को टीम इंडिया में शामिल करने की मांग काफी समय से उठक रही थी। आकिब परवेज रसूल और उमरान मलिक के भारत के लिए व्हाइट-बॉल मैच खेलने के बाद, वे जम्मू-कश्मीर से नेशनल टीम में शामिल होने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं। टेस्ट टीम में नबी के चुने जाने की खबर से जम्मू-कश्मीर में खुशी का माहौल है।

नबी जम्मू-कश्मीर की ओर से भारत की टेस्ट टीम में चुने जाने वाले पहले खिलाड़ी हैं। परवेज रसूल और उमरान मलिक के भारत के लिए व्हाइट-बॉल मैच खेलने के बाद, वे इस राज्य से नेशनल टीम में शामिल होने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं। टेस्ट टीम में नबी के चुने जाने की खबर से जम्मू-कश्मीर में खुशी का माहौल है।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और घरेलू क्रिकेट में नबी के साथ नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले सुनील कुमार अपने साथी के भारतीय टीम में चुने जाने की खबर व्हाट्सएप ग्रुप पर सुनकर बहुत खुश हुए। उन्होंने 'आईएएनएस' के साथ खास बातचीत करते हुए कहा, "मैं उनके लिए बहुत खुश हूं क्योंकि वे बहुत ही सादगी पसंद इंसान हैं। वे बहुत मेहनती हैं।"

सुनील ने आगे ​​कहा, "आज उनकी मेहनत का फल उन्हें मिला है, जिसके वे सच में हकदार हैं। जब वे श्रीलंका में इंडिया 'ए' टीम के साथ थे, तब मेरी उनसे बात हुई थी। वह एक आम बातचीत थी और अभी तो बस बधाई वगैरह ही दी है।" सुनील, नबी के टेस्ट टीम में चुने जाने को जम्मू-कश्मीर में बड़े हो रहे और देश के लिए खेलने का सपना देखने वाले क्रिकेटरों के लिए एक अहम मोड़ मानते हैं।

"यह पहली बार है जब राज्य का कोई खिलाड़ी टेस्ट टीम में पहुंचा है। हमारी टीम जिस तरह से खेल रही थी, खासकर पिछले 2 वर्षों में, हम अक्सर बात करते थे कि नेशनल टेस्ट टीम में जगह बनाने की बाधा को कौन तोड़ेगा और इस मामले में जिस व्यक्ति का नाम सबसे पहले आता था, वह आकिब नबी का था। अब हम सब देख सकते हैं कि उन्होंने यह हासिल कर लिया है। इससे यहां हर किसी का हौसला बढ़ेगा क्योंकि अब वह दरवाजा खुल गया है जो लंबे समय से बंद था। जम्मू-कश्मीर से और भी खिलाड़ी और टैलेंट सामने आ सकते हैं और वे अपना अंतिम लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।"

हालांकि, सबसे ऊंचे स्तर पर जाने पर बहुत ज्यादा जांच-परख होती है, लेकिन सुनील को भरोसा है कि जब भी नबी को श्रीलंका में टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिलेगा, तो उनका स्वभाव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित होगा। "आकिब नबी अच्छा करेंगे। इसमें कोई शक नहीं है क्योंकि वह मानसिक रूप से बहुत मजबूत हैं। उन्हें पता है कि हालात कैसे भी हों या स्थिति कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। वह जानते हैं कि बल्लेबाजों को आउट करने के लिए उन्हें सही जगह पर अच्छी गेंदबाजी करनी होगी। मेरा मतलब है कि उनमें हिम्मत और काबिलियत है, साथ ही उन्हें यह भी पता है कि वह टेस्ट लेवल पर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। मानसिक रूप से वह बहुत मजबूत हैं।"

बीसीसीआई क्वालिफाइड कोच हैं और 2025/26 सीजन में विजय मर्चेंट ट्रॉफी प्लेट ग्रुप जीतने वाली अंडर-16 टीम के हेड कोच रहे मुजफ्फर मट्टू का मानना है कि आकिब नबी का एक लोकल क्लब क्रिकेटर से भारतीय टेस्ट टीम तक का सफर बरसों की कड़ी मेहनत का सबसे बड़ा इनाम है।

उन्होंने कहा, "यह हम सभी के लिए और पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए बहुत अच्छा पल है। हम बहुत खुश हैं कि आकिब को टीम इंडिया में बुलाया गया है और हमें उम्मीद है कि वह वैसा ही प्रदर्शन करेंगे जैसा उन्होंने रणजी ट्रॉफी में किया है। टीम में चुने जाने के लिए कभी देर नहीं होती और हमें उम्मीद है कि वह श्रीलंका में भी वैसा ही फॉर्म जारी रखेंगे। सिलेक्टर्स को लगा कि यह उनके लिए सही समय है। इसी वजह से हम सभी उत्साहित हैं, बहुत खुश हैं और उम्मीद करते हैं कि आकिब के साथ सब कुछ अच्छा होगा।"

मुजफ्फर मट्टू ने आकिब के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, "यह 2010 की बात है जब मैंने उन्हें चुना था, उस समय वह अपने घर के आंगन में खेलते थे। वह मेरे क्लब के लिए खेलते थे। फिर अंडर-19 और अंडर-23 के दिनों में मैं उन्हें कोचिंग भी देता था। हम उनके घर के आंगन में गए, उन्हें देखा और वहीं से चुनकर अपने क्लब में ले आए। वहां से उन्हें मौका मिला और जरूरी अनुभव भी। उन्होंने क्लब क्रिकेट खेला और बाद में राज्य का प्रतिनिधित्व किया। उनमें शुरू से ही वह हुनर ​​था। कल ही मेरी उनसे बात हुई।"

मट्टू ने आगे कहा,"मैंने कहा, 'उम्मीद है कि तुम्हें टीम इंडिया से बुलावा आएगा,' और अब उन्हें बुलावा मिल भी गया है। विजय मर्चेंट ट्रॉफी जीतने के बाद, हमने रणजी ट्रॉफी जीती और अब आकिब का चयन भारतीय टेस्ट टीम में हुआ है। जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट का दौर अच्छा चल रहा है।"

टीम इंडिया से जुड़ने से पहले सुनील कुमार ने आकिब नबी को सलाह देते हुए कहा कि आकिब उस प्रक्रिया पर भरोसा रखें जिसने उन्हें टेस्ट टीम तक पहुंचाया है। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "मैं उनसे यही कहूंगा कि वह वही करते रहें जो वह अब तक करते आए हैं। यह आसान है, उन्हें बस वही करना है जो वह करते रहे हैं। कुछ नया करने की जरूरत नहीं है, और हमें पता है कि वह ऐसा ही करेंगे।"

--आईएएनएस

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