मुंबई, 9 मई (आईएएनएस)। भारत में म्यूचुअल फंड और पूंजी बाजार को लेकर लोगों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। खासकर छोटे शहरों और गांवों से निवेशकों की बढ़ती भागीदारी यह दिखा रही है कि अब देश में निवेश का दायरा लगातार व्यापक हो रहा है। ये बातें एचडीएफसी एएमसी के एमडी और सीईओ नवनीत मुनोट ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहीं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में नवनीत मुनोट ने कहा, "भारत में पूंजी बाजार का 'डेमोक्रेटाइजेशन' हो रहा है, जो देश के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।"
उन्होंने कहा कि यह देखकर काफी अच्छा लगता है कि हजारों निवेशक म्यूचुअल फंड, पूंजी बाजार और भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में जानना चाहते हैं। लोगों के मन में यह सोच मजबूत हो रही है कि अगर भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी और भारतीय बाजार लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण करेंगे, तो वे भी इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं और सही तरीके से निवेश कैसे कर सकते हैं।
मुनोट ने कहा कि अब निवेश केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गया है। हर आयु वर्ग और हर पृष्ठभूमि के लोग निवेश की दुनिया से जुड़ रहे हैं। यह भारतीय पूंजी बाजार की बढ़ती पहुंच और जागरूकता को दर्शाता है।
एचडीएफसी एएमसी के सीईओ ने कहा कि अब नई एसआईपी का बड़ा हिस्सा छोटे शहरों और कस्बों से आ रहा है। उन्होंने कहा कि 'बी-30' यानी टॉप-30 शहरों से बाहर के क्षेत्रों में निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालांकि निवेश राशि के मामले में बड़े शहर अभी भी आगे हैं, लेकिन एसआईपी खातों की संख्या के हिसाब से छोटे शहर और गांव अब महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव दिखाता है कि भारत में वित्तीय जागरूकता और निवेश संस्कृति लगातार मजबूत हो रही है।
एचडीएफसी एएमसी के सीईओ ने आगे कहा कि उन्हें देश के युवाओं में जबरदस्त ऊर्जा और उत्साह दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि खासकर 20 से 30 वर्ष की आयु के युवा भारत को लेकर बेहद सकारात्मक सोच रखते हैं और अपने जीवन में बेहतर करने की इच्छा रखते हैं।
उन्होंने कहा कि जब वह अपने करियर के शुरुआती दौर में थे, तब उन्हें भारतीय बाजारों और म्यूचुअल फंड उद्योग में काम करने का अवसर मिला। अब वह युवाओं से यही कहना चाहते हैं कि भारत में अपार संभावनाएं हैं और देश की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। ऐसे में लोगों को मेहनत करने के साथ-साथ अपनी कमाई को सही तरीके से निवेश भी करना चाहिए, ताकि उनका पैसा भी उनके लिए बेहतर रिटर्न कमा सके।
नवनीत मुनोट ने कहा कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव कोई नई बात नहीं है। पहले भी ऐसे दौर आए हैं और आगे भी आते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बाजारों में अस्थिरता, राजनीतिक बदलाव और कारोबारी चक्र हमेशा बने रहेंगे, लेकिन इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले 30 वर्षों में लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है।
उन्होंने बताया कि एचडीएफसी के कई फंड 30-35 वर्षों से बाजार में हैं और इस लंबे अनुभव से यही सीख मिलती है कि समय-समय पर उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजारों ने निवेशकों को अच्छे रिटर्न दिए हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले दशकों में भारत के पास विकास के कई मजबूत आधार हैं। देश में लोकतंत्र, युवा आबादी, बढ़ती मांग, डिजिटलीकरण और 140 करोड़ लोगों का दृढ़ संकल्प भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
नवनीत मुनोट ने निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि यदि लोग नियमित रूप से और सही तरीके से निवेश करते रहेंगे, तो उन्हें लंबे समय में अच्छे रिटर्न मिलने की उम्मीद रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने का सही समय है।
--आईएएनएस
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