मुंबई, 15 अगस्त (आईएएनएस)। बॉलीवुड ने देशभक्ति को पर्दे पर कई अलग-अलग रंगों में दिखाया है। किसी फिल्म में सीमा पर दुश्मनों से लड़ते सैनिकों की बहादुरी दिखाई गई, तो किसी में आजादी के लिए अंग्रेजों के खिलाफ खड़े हुए क्रांतिकारियों की कहानी बताई गई। इन फिल्मों की कहानियां, किरदार और डायलॉग्स आज भी दर्शकों के भीतर देशभक्ति जगाते हैं। अगर 15 अगस्त पर देशभक्ति से जुड़ी फिल्में देखने का प्लान है, तो ये 5 फिल्में आपकी वॉचलिस्ट में शामिल हो सकती हैं।
शेरशाह- सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'शेरशाह' कारगिल युद्ध के वीर जवान कैप्टन विक्रम बत्रा की जिंदगी पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन विष्णुवर्धन ने किया है। सिद्धार्थ मल्होत्रा ने विक्रम बत्रा का किरदार निभाया है, जबकि कियारा आडवाणी उनकी प्रेमिका डिंपल चीमा के रोल में नजर आई हैं। फिल्म में विक्रम बत्रा के बचपन से लेकर सेना में जाने और फिर कारगिल युद्ध में उनकी भूमिका तक की कहानी दिखाई गई है। कारगिल की लड़ाई के दौरान विक्रम बत्रा ने जिस साहस के साथ दुश्मन का सामना किया, फिल्म उसी जज्बे को पर्दे पर उतारती है।
बॉर्डर- जेपी दत्ता की 'बॉर्डर' भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित युद्ध फिल्मों में से एक है। 1997 में आई इस फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और अक्षय खन्ना जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान राजस्थान के लोंगेवाला में हुई लड़ाई की कहानी से प्रेरित है। इसमें भारतीय सेना के जवानों की एक छोटी टुकड़ी को बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों का सामना करते दिखाया गया। फिल्म में मुश्किल हालात में भी जवान अपनी पोस्ट छोड़ने को तैयार नहीं होते। सनी देओल का किरदार मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी फिल्म की सबसे खास भूमिकाओं में से एक है।
राजी- मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी 'राजी' देश के प्रति भावना को एक जासूस की नजर से दिखाती है। फिल्म में आलिया भट्ट ने सहमत का किरदार निभाया है, जबकि विक्की कौशल ने पाकिस्तानी सेना के अधिकारी इकबाल की भूमिका निभाई। कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौर की है। सहमत एक भारतीय लड़की है, जिसकी शादी एक पाकिस्तानी सैन्य परिवार में कर दी जाती है। शादी के बाद वह वहां रहकर भारत के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाती है। इस मिशन के दौरान उसे कई ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं, जिनमें उसकी अपनी जिंदगी दांव पर लग जाती है। फिल्म दिखाती है कि देश के लिए काम करने वाले जासूसों को किस तरह अपने निजी रिश्तों और भावनाओं को पीछे छोड़ना पड़ता है।
सैम बहादुर- विक्की कौशल की 'सैम बहादुर' भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की जिंदगी पर आधारित बायोपिक है। फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार ने किया है। विक्की कौशल ने सैम मानेकशॉ का किरदार निभाया, जबकि फातिमा सना शेख ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और सान्या मल्होत्रा ने उनकी पत्नी सिल्लू का किरदार निभाया। फिल्म सैम मानेकशॉ के सैन्य करियर और उनके व्यक्तित्व को करीब से दिखाती है। इसमें उनके सेना में शुरुआती दिनों से लेकर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध तक के सफर को दिखाया गया है।
लक्ष्य- फरहान अख्तर की 'लक्ष्य' में ऋतिक रोशन, अमिताभ बच्चन, प्रीति जिंटा और बोमन ईरानी मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म में ऋतिक रोशन ने करण शेरगिल नाम के युवा का किरदार निभाया था, जिसका शुरुआत में अपनी जिंदगी का कोई लक्ष्य नहीं होता। सेना में शामिल होने के बाद उसका जीवन पूरी तरह बदल जाता है। वह युद्ध के दौरान अपने साथियों के साथ खड़ा रहता है और दुश्मनों का डटकर सामना करता है। फिल्म सैनिक बनने की जिम्मेदारी को बारीकी से दिखाती है।
--आईएएनएस
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