'आज नहीं तो कल जीत हमारी होगी', विपक्षी दलों की बैठक के बाद राहुल गांधी का बयान

'आज नहीं तो कल जीत हमारी होगी', विपक्षी बैठक के बाद राहुल गांधी का बयान

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर मंगलवार को विपक्षी नेताओं की बैठक हुई। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल पूरी तरह एकजुट हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे।

राहुल गांधी ने कहा कि सभी विपक्षी दल एक मंच पर खड़े हैं और अलग-अलग विरोध-प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबका एक ही उद्देश्य है, भारत में लोकतंत्र की बहाली।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र को कमजोर किया गया है, चुनावी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया है और संविधान की मूल भावना को चोट पहुंचाई गई है। लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को फिर से मजबूत करने के लिए सभी दल मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं।

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शनों पर लगी रोक का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का महत्वपूर्ण स्थान रहा है और इस फैसले को चुनौती दी जाएगी।

राहुल गांधी ने कहा कि हाल के विरोध-प्रदर्शनों में केवल राजनीतिक दल ही नहीं बल्कि आम जनता भी बड़ी संख्या में शामिल हुई। उन्होंने दिल्ली और पूरे देश की जनता का आभार जताते हुए कहा कि लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के संघर्ष में विपक्ष का साथ दिया है।

उन्होंने कहा, "हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने के लिए आखिरी दम तक लड़ने को तैयार हैं। जनता से हमारा वादा है कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, ज्ञानेश कुमार और अन्य जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा दिलाई जाएगी। यह लड़ाई किसी एक पार्टी या नेता की नहीं, बल्कि देश की जनता और उसके भविष्य की लड़ाई है। विपक्ष जनता के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए विपक्ष पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है और चाहे इसमें कुछ महीने लगें, एक साल लगे या उससे अधिक समय, विपक्ष अपने अंतिम लक्ष्य तक पहुंचकर रहेगा। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैंने लगातार कोशिश शब्द का इस्तेमाल किया था कि हमारी यह टीम रुकने वाली नहीं है। 'देर-सवेर, चाहे कल हो, परसों, तीन महीने, छह महीने, एक साल या दो साल बाद' यह रुकेगी नहीं। यह अपने आखिरी लक्ष्य तक पहुंचेगी। मैं आपको गारंटी देता हूं कि जिस तरह से हम एकजुट हुए, उसी भावना के साथ हम मिलकर लड़ते रहेंगे।

न्यायपालिका को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट, भारत के मुख्य न्यायाधीश और भारतीय न्याय प्रणाली का बहुत सम्मान करते हैं। उनकी एक भूमिका है और हमें उम्मीद है कि वे उसे निभाएंगे। हालांकि, हम राजनीतिक लोग हैं, चाहे कुछ भी हो, या कोई संस्था भूमिका निभाए या न निभाए, राजनीतिक विरोध जारी रहेगा, लोगों का विरोध जारी रहेगा, और अंत में जीत हमारी ही होगी।

--आईएएनएस

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