लिकटेंस्टीन प्रिंस का चार दिवसीय भारत दौरा: पीएम मोदी से कल करेंगे मुलाकात, द्विपक्षीय वार्ता पर रहेगी नजर

Prince Alois Liechtenstein India Visit

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। लिकटेंस्टीन के हेरिडिटरी प्रिंस एलोइस और हेरिडिटरी प्रिंसेस सोफी 25 से 28 अक्टूबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर रविवार देर रात भारत पहुंचेंगे। इस साल ये उनकी दूसरी भारत यात्रा है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने उनका शेड्यूल जारी किया है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, इस दौरान प्रिंस एलोइस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई वरिष्ठ भारतीय नेताओं से मुलाकात करेंगे।

प्रिंस एलोइस रविवार रात मुंबई पहुंचेंगे। सोमवार, 26 अक्टूबर को वह वडोदरा जाएंगे और वहां से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। वह सोमवार शाम दिल्ली के पालम वायुसेना स्टेशन पहुंचेंगे।

मंगलवार, 27 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद वह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे और राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसी दिन हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक निर्धारित है।

भारत दौरे के दौरान प्रिंस एलोइस वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी से भी मुलाकात करेंगे। मंगलवार शाम को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से उनकी भेंट का कार्यक्रम है।

प्रिंस एलोइस और प्रिंसेस सोफी 28 अक्टूबर को भारत से स्वदेश के लिए रवाना होंगे।

यह यात्रा भारत और लिकटेंस्टीन के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यूरोप के छोटे लेकिन आर्थिक रूप से विकसित देशों में शामिल लिकटेंस्टीन उद्योग, विनिर्माण और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में अपनी पहचान रखता है। भारत के साथ उसकी बातचीत आर्थिक सहयोग और आपसी संबंधों को मजबूत करने के अवसर प्रदान कर सकती है।

भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को भी एक बयान जारी कर उनके आने की आधिकारिक जानकारी दी थी। बताया कि 2026 में प्रिंस एलोइस का ये दूसरा भारत दौरा है। इससे पहले, वे फरवरी 2026 में 'एआई इम्पैक्ट समिट' में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे। हालांकि 2010 और 2018 में भी वो भारत का दौरा कर चुके हैं। लिकटेंस्टीन यूरोप का छोटा लेकिन एक समृद्ध देश माना जाता है। यह स्विट्जरलैंड (पश्चिम और दक्षिण) और ऑस्ट्रिया (पूर्व) के मध्य बसा है।

--आईएएनएस

केआर/