अहमदाबाद: 1200 किलो बेकार पतंग की डोर से ‘कॉमनवेल्थ गेम्स-2030’ का लोगो किया गया तैयार

अहमदाबाद: 1200 किलो बेकार पतंग की डोर से ‘कॉमनवेल्थ गेम्स-2030’ का लोगो किया गया तैयार

अहमदाबाद, 9 फरवरी (आईएएनएस)। गुजरात के अहमदाबाद में उत्तरायण त्योहार के दौरान निकलने वाले पतंग और डोर के कचरे से पर्यावरण को बचाने के लिए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट डिपार्टमेंट ने एक नई पहल की है।

इस पहल के तहत ‘वेस्ट टू आर्ट’ के एक नए एक्सपेरिमेंट के तौर पर पतंग की डोर के कचरे से ‘कॉमनवेल्थ गेम्स-2030’ की थीम पर आधारित एक लोगो तैयार किया गया है।

इस जमा किए गए डोर के कचरे को पर्यावरण बचाने के तरीके के साथ बेहतर बनाने की नई दिशा अपनाई गई है। इसके तहत, अहमदाबाद में होने वाले ‘कॉमनवेल्थ गेम्स-2030’ के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए इस बेकार रस्सी का इस्तेमाल करके ‘कॉमनवेल्थ गेम्स-2030’ का ‘वेस्ट टू आर्ट’ लोगो तैयार किया गया है।

पतंग की रस्सी जैसे खतरनाक कचरे को कलात्मक रूप देकर कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रतीक के तौर पर हाईलाइट किया गया है। इसके अलावा, बची हुई अतिरिक्त रस्सी को अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ‘वेस्ट टू एनर्जी’ प्लांट में फ्यूल के तौर पर इस्तेमाल किया गया है और एनर्जी प्रोडक्शन के लिए इस्तेमाल किया गया है।

यहां यह बताना जरूरी है कि उत्तरायण त्योहार के दौरान शहर में साफ-सफाई बनाए रखने और पर्यावरण की रक्षा के मकसद से ‘करुणा अभियान-2026’ खास तौर पर आयोजित किया गया था। इस अभियान के तहत शहर के 7 जोन और 48 वार्ड में सड़कों पर फेंकी गई रस्सी से लोगों को चोट लगने से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया गया।

इस अभियान को रंदल माता समिति (नरोदा), द इक्वल सोसाइटी डेवलपमेंट ट्रस्ट (नरोदा), पक्षी बचाओ-परेवड़ा ग्रुप और खोखरा यूथ फेडरेशन जैसे कई चैरिटेबल संगठनों से खास मदद मिली। शहर के सभी सात जोन में सड़कों और सार्वजनिक जगहों से 150 लीटर से ज्यादा पिकअप गाड़ियों और सुपरवाइजरी स्टाफ की निगरानी में स्पेशल टीमों द्वारा पतंग की डोर का कचरा इकट्ठा किया गया। इस खास अभियान के दौरान लगभग 1200 किलो पतंग की डोर का कचरा इकट्ठा किया गया।

इस तरह अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के इस ऑपरेशन से पैदा हुई एनर्जी और आने वाले ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट के प्रमोशन के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश की गई है।

--आईएएनएस

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