'यह मौके गंवाने का दिन था', बीजेके कप में इंडोनेशिया से हार के बाद बोले भारतीय कोच विशाल उप्पल

'यह मौके गंवाने का दिन था', बीजेके कप में इंडोनेशिया से हार के बाद बोले भारतीय कोच विशाल उप्पल

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत की बिली जीन किंग कप एशिया/ओशिनिया ग्रुप आई में उम्मीदों को बड़ा झटका लगा, जब टीम को अपने दूसरे मुकाबले में इंडोनेशिया के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला दिल्ली स्थित डीएलटीए कॉम्प्लेक्स में खेला गया, जहां टीम कई मौकों के बावजूद मैच अपने नाम नहीं कर सकी।

मुख्य कोच विशाल उप्पल ने इस हार को 'मौके गंवाने का दिन' का दिन करार देते हुए कहा कि टीम ने कई अहम पलों को भुनाने में चूक की, जिसकी कीमत उन्हें पूरे मुकाबले में चुकानी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैच से पहले हुए अंतिम समय के शेड्यूल बदलाव—जिसमें मंगोलिया की जगह इंडोनेशिया से खेलना पड़ा—का टीम की तैयारी पर कोई खास असर नहीं पड़ा।

उप्पल ने कहा कि टीम को पहले एकल मैच में बढ़त लेने के कई अवसर मिले थे, लेकिन वे उन्हें भुना नहीं सके। पहले मैच में भारत की खिलाड़ी वैष्णवी अदकर ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन वे तीन सेटों के रोमांचक मुकाबले में हार गईं। यह मैच 7-6(3), 6-7(3), 6-3 के अंतर से इंडोनेशिया की प्रिस्का मैडलिन नुग्रोहो के नाम रहा।

इसके बाद दूसरे एकल में सहजा यमलापल्ली को भी कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा। इंडोनेशिया की जेनिस त्जेन ने अपने अनुभव और रैंकिंग का फायदा उठाते हुए 6-2, 6-1 से आसान जीत दर्ज की और मुकाबला भारत के हाथ से लगभग निकाल दिया।

डबल्स मुकाबले में भी भारत की जोड़ी रुतुजा भोसले और अंकिता रैना को कड़े संघर्ष के बाद हार झेलनी पड़ी। खासकर दूसरे सेट में सेट पॉइंट्स गंवाने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा।

कोच उप्पल ने कहा कि टॉप लेवल पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना बेहद जरूरी है, क्योंकि कुछ गलतियां मैच का रुख बदल देती हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह हार निराशाजनक जरूर है, लेकिन सीखने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।

उन्होंने यह भी कहा कि टीम को अब आगे के मैचों पर ध्यान केंद्रित करना होगा, खासकर मजबूत प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर। वर्तमान स्थिति में इंडोनेशिया और कोरिया दोनों ने मजबूत बढ़त बना ली है, जिससे भारत के लिए क्वालिफिकेशन की राह मुश्किल हो गई है।

उप्पल ने कहा कि हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है। टीम का लक्ष्य सिर्फ परिणाम नहीं, बल्कि खिलाड़ियों का विकास भी है। युवा खिलाड़ियों को यह समझना जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर अंक के लिए मानसिक मजबूती चाहिए।

भारत अब अपना अगला मुकाबला मंगोलिया के खिलाफ खेलेगा, जिसके बाद कोरिया के खिलाफ एक निर्णायक मैच होगा। छह टीमों के इस राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट में भारत की आगे की राह अब उनके प्रदर्शन और गणितीय समीकरणों पर निर्भर करती है।

--आईएएनएस

पीएके