नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 7 अप्रैल को पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम है-“स्वास्थ्य के लिए एकजुट, विज्ञान के साथ खड़े रहें।” इस थीम के माध्यम से विश्व स्वास्थ्य संगठन लोगों, जानवरों, पौधों और पूरे ग्रह के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए विज्ञान और सहयोग की अहमियत पर जोर दे रहा है।
विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन वर्ष 1948 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना हुई थी। इस दिन दुनिया भर में स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है और लोगों को एक साथ मिलकर काम करने के लिए प्रेरित किया जाता है। साल 2026 का यह अभियान पूरे एक साल तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य है कि वैज्ञानिक खोजों और साक्ष्यों को वास्तविक कार्रवाई में बदला जाए। वहीं, संगठन थीम के साथ अभियान “वन हेल्थ” के सिद्धांत पर भी विशेष जोर दे रहा है, जिसमें मानव, पशु और पर्यावरण का स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ माना जाता है।
इस अभियान की शुरुआत 7 अप्रैल को दो बड़े आयोजनों के साथ होगी। पहला है फ्रांस की जी7 अध्यक्षता में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वन हेल्थ शिखर सम्मेलन और दूसरा है वैश्विक मंच जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन सहयोगी केंद्रों के 80 से अधिक देशों के लगभग 800 वैज्ञानिक संस्थान शामिल हो रहे हैं। ये दोनों कार्यक्रम मिलकर अब तक का सबसे बड़ा वैज्ञानिक नेटवर्क तैयार कर रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि आज की दुनिया में उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों जैसे महामारी, जलवायु परिवर्तन, एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस आदि का सामना केवल विज्ञान के सहारे ही किया जा सकता है। इसलिए इस अभियान में आम लोगों, सरकारों, वैज्ञानिकों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की गई है कि वे विज्ञान का समर्थन करें, उसमें विश्वास बनाए रखें और स्वस्थ भविष्य के निर्माण में योगदान दें।
अभियान के तहत लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे अपनी व्यक्तिगत कहानियां साझा करें कि विज्ञान ने उनके जीवन को कैसे बेहतर बनाया है। सोशल मीडिया पर स्टैंड विद साइंस और वर्ल्ड हेल्थ डे हैशटैग के जरिए वैश्विक चर्चा में शामिल होने का आह्वान किया गया है। विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 की थीम सरल लेकिन मजबूत है- स्वास्थ्य की रक्षा के लिए हमें एकजुट होना होगा और विज्ञान के साथ खड़े रहना होगा। केवल तभी हम एक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
--आईएएनएस
एमटी/पीएम