नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में चयन के लिए होने वाले ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए पहलवान विनेश फोगाट को इजाजत देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। रेसलिंग फेडरेशन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी।
मामले की सुनवाई जस्टिस पी एस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच करेगी।
22 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने एशियन गेम्स के आने वाले ट्रायल में फोगट के हिस्सा लेने को मंजूरी देते हुए कहा था कि डब्ल्यूएफआई की चयन नीति में उनके जैसी आइकॉनिक खिलाड़ी पर विचार करने का अधिकार नहीं है, जो मातृत्व अवकाश से लौट रही हैं।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि 30-31 मई को होने वाले चयन ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग डब्ल्यूएफआई करेगी और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) का एक-एक इंडिपेंडेंट ऑब्जर्वर भी मौजूद रहेगा।
हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को नोटिस भेजने के लिए भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को भी कड़ी फटकार लगाई थी। दरअसल डब्ल्यूएफआई ने विनेश को नोटिस भेजकर कहा था कि पेरिस ओलंपिक में वजन ज्यादा होने के कारण उनका बाहर होना देश के लिए शर्म का विषय था।
पूर्व में डब्ल्यूएफआई के सूत्रों ने आईएएनएस से कहा था, "हम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं और संघ इस फैसले को चुनौती नहीं देगा। विनेश फोगाट को ट्रायल्स में हिस्सा लेने दिया जाएगा।"
महासंघ ने संकेत दिया था कि अगर फोगाट ट्रायल्स के जरिए क्वालीफाई भी कर लेती हैं, तो भी लॉजिस्टिक्स से जुड़ी दिक्कतें आ सकती हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की सूची इस महीने की शुरुआत में ही जापान भेजी जा चुकी है।
संघ की तरफ से यह भी कहा गया था कि अगर किसी तरह हम उन्हें एक 'आइकॉनिक खिलाड़ी' के तौर पर टीम में शामिल कर भी लेते हैं, तो उन्हें 50 किलोग्राम वर्ग में ही मुकाबला करना होगा।"
अब देखना होगा कि शुक्रवार को विनेश फोगाट के मामले में सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला लेती है।
--आईएएनएस
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