विदेश मंत्री जयशंकर ने त्रिनिदाद-टोबैगो में गिरमिटिया स्टडीज सेंटर बनाने का किया ऐलान

विदेश मंत्री जयशंकर ने त्रिनिदाद-टोबैगो में गिरमिटिया स्टडीज सेंटर बनाने का किया ऐलान

पोर्ट ऑफ स्पेन, 10 मई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर 2 मई से लेकर 10 मई तक तीन कैरेबियाई देशों के दौरे पर थे। नौ दिनों के विदेश दौरे के अंतिम चरण में विदेश मंत्री त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचे। यहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में भाग लिया। भारत के विदेश मंत्री ने ऐतिहासिक नेल्सन आइलैंड पर एक सभा को भी संबोधित किया।

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज ऐतिहासिक नेल्सन आइलैंड पर आकर सच में बहुत खुशी हो रही है। यहीं पर 180 साल पहले त्रिनिदाद व टोबैगो के इतिहास में पहला कदम रखा गया था। यहां आकर, यह स्वाभाविक है कि हमारे मन में यह ख्याल आए कि कैसे उन हिम्मत वाले लोगों ने बहुत मुश्किल हालात का सामना किया होगा और नई जिंदगी बनाई होगी। आज हम उनकी हिम्मत, उनके पक्के इरादे और उनके हौसलों को सलाम करते हैं।

उन्होंने कहा कि ये प्रवासी अपने साथ अपनी जिंदगी, परंपराएं और विश्वास लेकर आए। असल में, जैसा कि हमने सुना वे अपने साथ एक पूरी सभ्यता लेकर आए। यह बहुत सही है कि इन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐतिहासिक साइट के तौर पर दर्ज किया जाए। आज मुझे भारत की मदद से से नेल्सन आइलैंड पर सांस्कृतिक धरोहर के अपग्रेडेशन के लिए क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट के लॉन्च में शामिल होकर बहुत खुशी हो रही है।

विदेश मंत्री ने कहा कि इसमें एक मेमोरियल मोन्यूमेंट, नेशनल आर्काइव के हिस्टोरिकल डेटा का एक डिजिटल हब बनाना और एक डिजिटल ऑडियो-विजुअल एक्सपीरियंस सेटअप करना शामिल है। इस खूबसूरत देश में आने वाले लोगों के लिए यह प्रोजेक्ट काफी मददगार साबित होगा।

उन्होंने बताया कि भारत में प्रधानमंत्री गिरमिटिया समुदाय का डेटाबेस बनाने और इस विरासत पर रिसर्च करने को बहुत महत्व देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर हम एक खास गिरमिटिया स्टडीज सेंटर बनाने पर काम कर रहे हैं। मुझे खुशी है कि कल भारत के नेशनल आर्काइव्ज और त्रिनिदाद व टोबैगो के बीच सहयोग के लिए एक एमओयू साइन हुआ। मुझे उम्मीद है कि इससे यहां के कई लोगों को अपने पुरखों की जड़ों का पता लगाने और भारत में अपने परिवारों से फिर से जुड़ने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपने दौरे के दौरान, छठे जेनरेशन तक ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड जारी करने की घोषणा की थी। उच्चायोग को मिलने वाले ओसीआई आवेदन की संख्या बढ़ रही है और हमारी कोशिश होगी कि हम उन लोगों की मदद करें जिनकी जरूरी पेपरवर्क तक पहुंच नहीं है।

आखिरी में विदेश मंत्री ने गिरमिटिया मजदूरों से पूर्वजों का सम्मान करने और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा, "हम इन पूर्वजों की विरासत को गर्व और पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ाने का वादा करें। हम अपनी साझी विरासत का जश्न मनाते रहें, अपने बच्चों को अपने अतीत की कहानियां सिखाएं और जिस समाज में हम रहते हैं, उसे और बेहतर बनाएं।"

--आईएएनएस

केके/पीएम