विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगोल रिफाइनरी प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन साइट का किया दौरा, कामों का लिया जायजा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगोल रिफाइनरी प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन साइट का किया दौरा, कामों की स्थिति का लिया जायजा

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर मंगोलिया के दौरे पर हैं। उन्होंने मंगोल रिफाइनरी प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन साइट का दौरा किया। इस दौरान मंगोलिया की विदेश मंत्री बत्त्सेत्सेग बटमुंख और इंडस्ट्री और माइनिंग मंत्री गोंगोर दमदिन्न्यम भी मौजूद रहे। वहां उन्होंने चल रहे कामों की स्थिति की समीक्षा की।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "विदेश मंत्री बत्त्सेत्सेग बटमुंख और उद्योग और खनन मंत्री गोंगोर दमदिन्नयम के साथ मंगोल रिफाइनरी प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन साइट का दौरा किया। यह लैंडमार्क भारत मंगोलिया फ्रेंडशिप प्रोजेक्ट लगातार आगे बढ़ रहा है। इसमें शामिल अलग-अलग टीमों के साथ चल रहे कामों की स्थिति का समीक्षा की।"

उन्होंने कहा, "प्रोजेक्ट साइट पर भारतीय और मंगोलियन वर्कफोर्स से भी बातचीत की। मुश्किल हालात में इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में उनके डेडिकेशन और कमिटमेंट के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।"

मंगोलिया की विदेश मंत्री बत्त्सेत्सेग बटमुंख के साथ मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, “भारत और मंगोलिया रणनीतिक साझेदार हैं। हमारे रिश्ते गहरी सभ्यतागत और आध्यात्मिक जुड़ाव, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विकास की इच्छाओं और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित हैं।”

पिछले साल भारत और मंगोलिया ने अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 साल पूरे होने का जश्न मनाया था। विदेश मंत्री ने बताया कि उनकी यात्रा का एक मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागिन खुरेलसुख के बीच पिछले साल भारत यात्रा के दौरान हुई बातचीत के फैसलों और प्रगति की समीक्षा करना था।

डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, “हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग के हर पहलू पर चर्चा की, जिसमें विकास से जुड़ी साझेदारी भी शामिल है। इसमें तेल रिफाइनरी परियोजना सबसे महत्वपूर्ण है।”

मंगोलिया के डोर्नोगोवी प्रांत के अल्तानशिरी में एक तेल रिफाइनरी परियोजना बनाई जा रही है। इसके लिए भारत सरकार ने 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर की सॉफ्ट लाइन ऑफ क्रेडिट (एलओसी) दी है। यह परियोजना भारत सरकार की दुनियाभर में सबसे बड़ी सॉफ्ट लाइन ऑफ क्रेडिट पहल है।

--आईएएनएस

केके/वीसी