गुजरात की अनाज मंडियों में इन दिनों रौनक छाई हुई है। दरअसल, बड़ी संख्या में चना और रायड़ा यानी सरसों उत्पादक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में पहुंच रहे हैं। इस बार गुजरात सरकार ने किसानों को फाइनेंशियल सिक्योरिटी कवच उपलब्ध कराने के मकसद से चना और सरसों की एमएसपी पर खरीद के लिए ट्रांसपेरेंट व्यवस्था लागू की है। इसके तहत, पूरे राज्य में चना की खरीद के लिए 165 और सरसों की खरीद के लिए 60 केंद्र बनाए गए हैं। जामनगर के APMC हापा यार्ड में भी किसान अपनी उपज बेचने पहुंच रहे हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए चने का एमएसपी 5,875 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। गुजरात में चने के लिए 2 लाख 59 हजार और सरसों के लिए 37,000 से ज्यादा किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं जामनगर जिले में चने के लिए लगभग 34,800 किसानों, जबकि सरसों के लिए करीब 2,760 किसानों ने पंजीकरण कराया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार ने चना और सरसों की एमएसपी पर खरीद के दौरान किसी गड़बड़ी को रोकने के लिए पहली बार ‘आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक’ और ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ प्रोसेस लागू किया है। जाहिर है कि इससे बिचौलिए खत्म होंगे और असली किसानों को ही एमएसपी का लाभ होगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने खरीद केंद्रों पर भीड़ को रोकने और किसानों की सहूलियत के लिए उन्हें पहले से तय समय पर एसएमएस के जरिए बुलाने का भी इंतजाम किया है।
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