वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में गूंजा भारत का वैश्विक नेतृत्व, विदेशी राजनयिकों ने की पीएम मोदी की सराहना

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में गूंजा भारत का वैश्विक नेतृत्व, विदेशी राजनयिकों ने की पीएम मोदी की सराहना

अहमदाबाद, 11 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात के राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का रविवार को आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भारत और विदेश से कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान भारत के विकास मॉडल, वैश्विक नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।

इस कार्यक्रम में भारत में यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने कहा कि वह तीसरी बार इस वैश्विक मंच का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि किस तरह एक क्षेत्रीय नेता राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचता है और अब वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी शांति स्थापित करने के वैश्विक प्रयासों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिसमें यूक्रेन भी शामिल है।

यूक्रेन के राजदूत ने आगे कहा कि आज गुजरात पूरी दुनिया में अपनी विकास यात्रा के लिए जाना जाता है। इस विकास मॉडल को आकार देने और पूरे देश में लागू करने में प्रधानमंत्री मोदी की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

राजदूत पोलिशचुक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच 2024 में हुए ऐतिहासिक दौरे के दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का संकल्प दोहराया गया था। उन्होंने कहा कि युद्ध के बीच यूक्रेन की यात्रा करने वाले प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक दक्षिण के गिने-चुने नेताओं में से एक हैं।

उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि यूक्रेन में स्थायी और न्यायसंगत शांति स्थापित होने से भारत और यूक्रेन के रिश्ते और मजबूत होंगे, जिसमें गुजरात राज्य की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों में भारत के निरंतर समर्थन की उम्मीद जताई।

इस सम्मेलन में भारत में रवांडा की उच्चायुक्त जैकलीन मुकनगिरा ने भी कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि रवांडा को साझेदार देश के रूप में आमंत्रित करना उनके लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई 2018 में रवांडा का दौरा किया था, जो दोनों देशों के संबंधों के लिए बेहद खास रहा। इस दौरान छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए थे और जरूरतमंद परिवारों को 200 गायें दान की गई थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और उदारता की सराहना की।

रवांडा की उच्चायुक्त ने बताया कि राष्ट्रपति पॉल कागामे अब तक पांच बार भारत की यात्रा कर चुके हैं और उन्होंने 2017 में वाइब्रेंट गुजरात समिट में भी हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पॉल कागामे के नेतृत्व में भारत और रवांडा के रिश्ते रणनीतिक स्तर तक पहुंच चुके हैं।

उन्होंने भरोसा जताया कि वाइब्रेंट गुजरात जैसे मंच दोनों देशों के बीच नए साझेदारी अवसर, निवेश और सहयोग को और मजबूत करेंगे।

--आईएएनएस

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