नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। वैश्विक संकट के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों, यात्रियों और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कीमतों में बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। लेकिन अब, राजधानी में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।
लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों का असर सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। कीमतों में बढ़ोतरी से टैक्सी, ऑटो और माल ढुलाई सेवाओं के किराए में भी इजाफे की आशंका जताई जा रही है। साथ ही, महंगाई पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
इससे पहले, 23 मई को कीमतों में बढ़ोतरी करते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतें 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमतें 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई थी। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के बीच पिछले 10 दिन में ईंधन की दरों में यह चौथी बढ़ोतरी है। 15 मई को ही सरकारी तेल कंपनियों ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण बढ़ी हुई ऊर्जा कीमतों का बोझ धीरे-धीरे ग्राहकों पर डालना शुरू किया था।
कीमतों में इजाफा होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने फैसले का बचाव किया था। भाजपा नेताओं ने भारत और अन्य देशों में तेल कीमतों में बढ़ोतरी की तुलना की थी। साथ ही, दावा किया था कि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत वह देश है जहां आम नागरिकों पर सबसे कम बोझ पड़ा।
--आईएएनएस
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