यूनेस्को सूची में शामिल पाकिस्तान की कई धरोहरों पर 'मंडराया खतरा!'

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नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। तक्षशिला समेत पाकिस्तान की ऐसी कई ऐतिहासिक इमारतें और स्थल हैं जिन पर 'वर्ल्ड हेरिटेज इन डेंजर लिस्ट' में शामिल होने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन स्थलों के रखरखाव और संरक्षण में कोताही बरती जा रही है और जिम्मेदार विभाग आपस में ही उलझे हुए हैं।

प्रमुख मीडिया आउटलेट डॉन के अनुसार, मामला विशेष रूप से 'मोहरा मोरादू' और 'सरकैप' से जुड़ा है, जहां मरम्मत और पुनर्निर्माण के दौरान मूल संरचनाओं में बदलाव, दीवारों को ऊंचा करना और सीमेंट के उपयोग जैसे कदमों पर आपत्ति उठी है। यह शिकायत पेरिस में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि तक पहुंचाई गई, जिसके बाद इस पर आधिकारिक स्तर पर चिंता जताई गई।

पाकिस्तान के पुरातत्व और संग्रहालय विभाग (डीओएएम) ने इन कार्यों को गंभीर उल्लंघन बताया है। उनके अनुसार, विश्व धरोहर स्थलों पर सीमेंट का उपयोग ऐतिहासिक प्रामाणिकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाता है, जो यूनेस्को के संरक्षण मानकों के खिलाफ है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो इन स्थलों को ‘डेंजर लिस्ट’ में डाला जा सकता है।

1980 में 'तक्षशिला आर्कियोलॉजिकल कॉम्प्लेक्स' को विश्व धरोहर का दर्जा मिला था। यह 18 स्थलों का समूह है, जो नवपाषाण काल से लेकर 5वीं सदी तक के शहरी विकास और बौद्ध संस्कृति के विकास को दर्शाता है।

वहीं, पाकिस्तान स्थित पंजाब के पुरातत्व विभाग ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। विभाग के महानिदेशक ने डॉन से कहा कि यह काम “जरूरी संरक्षण” के तहत किया गया है ताकि संरचनाएं और अधिक खराब न हों। उनके मुताबिक, सभी कार्य अंतरराष्ट्रीय मानकों, ऐतिहासिक रिकॉर्ड (जैसे जॉन मार्शल के दस्तावेजों) और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर किए गए हैं, और मूल ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ पुराने “गलत” कंक्रीट कार्यों को हटाया गया है और छिपी हुई ऐतिहासिक विशेषताओं—जैसे प्राचीन जलकुंड—को पुनर्जीवित किया जा रहा है। साथ ही, पर्यटकों के लिए सुविधाओं (रेस्टोरेंट, धर्म कक्ष, गेस्ट हाउस) का विकास बफर जोन के बाहर किया जा रहा है।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान कई अन्य ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में संरक्षण के तरीकों पर उठ रहे सवाल उसकी वैश्विक साख को भी प्रभावित कर सकते हैं।

--आईएएनएस

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