मुंबई, 30 मई (आईएएनएस)। अभिनेता जैकी श्रॉफ की फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ ने एक ऐसे 'सुपरहीरो' का किरदार निभाया है, जो अपने पोते की कल्पनाओं और कहानियों से जुड़ा होता है।
फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर पहले से ही काफी उत्साह देखने को मिल रहा था। वहीं, फिल्म देखने के बाद दर्शकों ने भी अपनी-अपनी राय साझा की।
आईएएनएस ने फिल्म देखकर लौटे दर्शकों से बात की। इस दौरान फिल्म को लेकर लोगों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। खास तौर पर जैकी श्रॉफ के अभिनय की खूब सराहना की गई। कई दर्शकों ने कहा कि वे उनके किरदार और कहानी से खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर पाए।
फिल्म देखकर आए एक दर्शक ने कहा, "फिल्म के बारे में मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि इसने बाकी सुपरहीरो फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। इसमें दादा-पोते की शानदार केमिस्ट्री दिखाई गई है। पोता अपने स्कूल में दादा को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करता है और कहता है कि उनके पास कई सुपरपावर हैं। फिल्म बहुत लंबी नहीं है, इसकी सिनेमैटोग्राफी अच्छी है और यह अपने विषय पर केंद्रित रहती है। इसका क्लाइमैक्स भी मजेदार है। मैं सभी से कहूंगा कि इसे जरूर देखें।"
दूसरे दर्शक ने कहा, "फिल्म बहुत अच्छी है। बीच में थोड़ा-सा कंफ्यूजन जरूर था, लेकिन कुल मिलाकर यह बेहतरीन फिल्म है। जैकी सर ने शानदार अभिनय किया है। मैं कहूंगा कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए। इससे बच्चों का भी समय-समय पर मनोरंजन होता रहता है। बच्चों के लिए ऐसी फिल्में आनी चाहिए, जिससे उनका मनोरंजन हो। आजकल वे सिर्फ कार्टून और मोबाइल पर ज्यादा ध्यान देते हैं।"
फिल्म देखने आई दो लड़कियों ने कहा, "फिल्म बहुत अच्छी और फैमिली फ्रेंडली है। इसका सेकंड हाफ ज्यादा अच्छा है। इंटरवल से पहले फिल्म उतनी खास नहीं लगी, लेकिन उसके बाद काफी मजा आया। जैकी श्रॉफ ने दादा का किरदार बहुत अच्छे ढंग से निभाया है। परिवार के साथ ऐसी फिल्में देखने को कम ही मिलती हैं।"
एक अन्य दर्शक ने कहा, "पूरी फिल्म बहुत अच्छी थी। इसे देखकर हमें अपने बचपन की याद आ गई। बहुत दिनों बाद ऐसी फिल्म देखने को मिली। जैकी दादा का अभिनय शानदार था।"
एक और लड़की ने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा, "फिल्म बहुत अच्छी थी। खास बात यह है कि इसने एक संदेश भी दिया है कि आपको अपने पर्यावरण को बचाना चाहिए। सेकंड हाफ ज्यादा मजेदार लगा, क्योंकि तब फिल्म का मकसद समझ में आने लगा था। यह फिल्म बाकी फिल्मों से अलग थी, क्योंकि इसमें हम असलियत से जुड़ाव महसूस कर पा रहे थे। इसमें बताया गया है कि सुपरहीरो वह नहीं होता जिसके पास कोई विशेष शक्ति हो, बल्कि वह होता है जो दिल से अच्छा इंसान हो।"
एक और दर्शक ने कहा, "फिल्म वाकई शानदार थी। मैं जैकी सर की असल जिंदगी से भी खुद को जोड़ पा रहा था, क्योंकि जैसे वे वास्तविक जीवन में पेड़-पौधों को बचाने की बात करते रहते हैं, वैसा ही संदेश फिल्म में भी देखने को मिला।"
--आईएएनएस
एनएस/एएस