नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित तमिल फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज को लेकर कानूनी विवाद बढ़ता जा रहा है। फिल्म के निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाईकोर्ट के एक अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
सुप्रीम कोर्ट थलापति की फिल्म 'जन नायकन' मामले की सुनवाई 15 जनवरी को करेगा। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑग्स्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच इस याचिका पर सुनवाई करेगी। यह मामला फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट देने से जुड़ा है। फिल्म को पहले यूए सर्टिफिकेट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कुछ शिकायतों के बाद विवाद खड़ा हो गया।
फिल्म के निर्माताओं ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के सामने 18 दिसंबर को फिल्म पेश की थी। बोर्ड की परीक्षक समिति ने कुछ कट्स के साथ यूए सर्टिफिकेट की सिफारिश की थी। निर्माताओं ने जरूरी बदलाव कर दिए, लेकिन सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ। बोर्ड ने फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया, जिसके खिलाफ निर्माताओं ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 9 जनवरी को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच (जस्टिस पी.टी. आशा) ने सेंसर बोर्ड को तुरंत यूए सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने कहा कि शिकायतों पर बार-बार विचार करने से चिंताजनक रुझान बनेगा। लेकिन उसी दिन बोर्ड ने डिवीजन बेंच के पास अपील की, जिसने सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी। डिवीजन बेंच ने कहा कि सेंसर को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिला था। इस रोक के बाद फिल्म की रिलीज (जो 9 जनवरी को तय थी) अनिश्चित हो गई।
इसके बाद केवीएन प्रोडक्शंस ने 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दायर की है। यह फिल्म विजय की राजनीति में पूरी तरह एंट्री से पहले की आखिरी फिल्म मानी जा रही है। हाल ही में उन्होंने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' की शुरुआत की है।
'जन नायकन' फिल्म को केवीएन प्रोडक्शंस ने बनाया है और इसका निर्देशन एच. विनोद ने किया है। फिल्म में थलापति विजय के साथ पूजा हेगड़े मुख्य भूमिकाओं में हैं। निर्माताओं ने बताया कि फिल्म 22 देशों में चार भाषाओं में रिलीज होगी।
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