ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 'यूथ टेस्ट मैच' में 14 विकेट, आखिर कौन हैं तन्मय बलोदा?

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 'यूथ टेस्ट मैच' में 14 विकेट, आखिर कौन हैं तन्मय बलोदा?

अहमदाबाद, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले में 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज तन्मय बलोदा ने कुल 14 विकेट हासिल किए।

मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी मे सिर्फ 174 रन पर सिमट गई। तन्मय ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में 25 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 32 रन देकर 6 विकेट निकाले। इनमें 11 मेडन ओवर रहे।

इसके जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में 315 रन बनाकर 141 रन की शानदार बढ़त हासिल की। ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में 151 रन पर ढेर हो गई। तन्मय ने 19.5 ओवर फेंके, जिसमें सिर्फ 41 रन देकर 8 विकेट हासिल किए। भारत को जीत के लिए 11 रन का टारगेट मिला, जिसे उसने सिर्फ पांच गेंदों में हासिल कर लिया।

9 अगस्त 2008 को पलवल (हरियाणा) में जन्मे तन्मय भारत की अंडर-19 टीम में बतौर ऑलराउंडर खेलते हैं। बाएं हाथ का यह गेंदबाज दाएं हाथ से बल्लेबाजी करता है। 19 वर्षीय तन्मय अपनी गेंद से बल्लेबाजों को नचाने की कला में माहिर हैं, जो अपने पिवट और नॉन बॉलिंग हैंड का शानदार इस्तेमाल करते हैं।

तन्मय ने फर्स्ट क्लास करियर में 2 मैच खेले, जिसमें 10 विकेट लेने के अलावा 40 रन बनाए हैं। तन्मय ने इसी साल जनवरी में असम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में कुल 6 विकेट हासिल करने के साथ 15 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने बंगाल के विरुद्ध कुल 5 विकेट हासिल करने के साथ 12* और 13 रन की पारियां खेलीं। इसके बाद यूथ टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 14 विकेट लेकर अपना जलवा बिखेरा।

रोहतक के इस खिलाड़ी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यूथ टेस्ट में बतौर रिप्लेसमेंट स्थान मिला था। रोहित यादव उम्र से जुड़ी अनियमितताओं के चलते टीम से बाहर किए गए, जिसके बाद तन्मय को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया और इस खिलाड़ी ने चयनकर्ताओं को सही साबित किया।

शुरुआत में तन्मय तेज गेंदबाज थे; उन्होंने हरियाणा के लिए अंडर-16 जिला स्तर के शुरुआती साल तेज गेंदबाजी की, लेकिन एक टूर्नामेंट के कुछ मुकाबलों में उन्होंने स्पिन गेंदबाजी की और शानदार सफलता हासिल की। इसके बाद से तन्मय ने तेज गेंदबाजी छोड़कर स्पिन गेंदबाजी शुरू कर दी।

क्रिकेट का जुनून ऐसा था कि तन्मय ने 10वीं पास करने के बाद पढ़ाई की जगह क्रिकेट को चुना। परिवार ने भी बेटे के इस फैसले में उसका साथ दिया और तन्मय उनके भरोसे पर खरा उतरते नजर आ रहे हैं। अब तन्मय की निगाहें अंडर-23 और सीनियक लेवल पर खेलने पर होंगी।

--आईएएनएस

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