स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की

गांधीनगर, 20 अगस्त (आईएएनएस)। राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तहत गांधीनगर में स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र के उच्च अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।

इस बैठक में मंत्री ने स्पेशल ड्राइव के तहत अब तक कुल 187 रेस्टोरेंट में की गई आकस्मिक जांच की जानकारी ली। इस जांच के दौरान करीब 137 रेस्टोरेंट में गंभीर स्तर की अस्वच्छता और अस्वास्थ्यकर स्थिति पाए जाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तंत्र द्वारा इन सभी रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया।

इसके अलावा, राजकोट महानगरपालिका द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले दो रेस्टोरेंट, राजकोट जिले में एक और नडियाद जिले में तीन रेस्टोरेंट सहित कुल छह रेस्टोरेंट को सील किया गया है। वहीं, अन्य 40 रेस्टोरेंट को खामियां दूर करने के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस दिया गया है और चार रेस्टोरेंट के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।

सूरत महानगरपालिका (एसएमसी) के स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी ऑफिसर और सैनिटेशन स्टाफ की संयुक्त टीमों द्वारा शहर के सभी जोन में 209 होटल-रेस्टोरेंट और 34 ढाबों में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस जांच के दौरान किचन की साफ-सफाई, बासी भोजन, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और डेयरी उत्पादों से संबंधित डिस्प्ले बोर्ड की जांच की गई।

इस दौरान कुल 548 किलोग्राम अखाद्य खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया। साथ ही 128 होटल-रेस्टोरेंट को नोटिस जारी कर 4,43,800 रुपए का प्रशासनिक जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा, साफ-सफाई और गंभीर खामियां पाए जाने वाले 43 होटल-रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया।

सूरत के वराछा इलाके में 18 अगस्त को हुई फूड पॉइजनिंग की गंभीर घटना में पांच वर्षीय मासूम बच्ची की दुखद मौत होने के बाद राज्य सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य के सभी रेस्टोरेंट में भोजन की गुणवत्ता और अस्वच्छता को लेकर सघन जांच करने के लिए विशेष ड्राइव चलाने के आदेश दिए हैं।

राज्य का खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले, मिलावटी तथा कानून के विरुद्ध गतिविधियों में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगामी समय में भी इस तरह की कड़ी कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी, ऐसा खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र की विज्ञप्ति में बताया गया है।

--आईएएनएस

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