सुशासन के 12 साल: नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिलना भारत का सौभाग्य: महंत रविंद्र पुरी महाराज

सुशासन के 12 साल: नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिलना भारत का सौभाग्य: महंत रविंद्र पुरी महाराज

उज्जैन, 26 मई (आईएएनएस)। मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए उनके कार्यकाल की सराहना की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति और हिंदू परंपराओं को नई पहचान मिली है। प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद देशभर में सनातन धर्म के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।

महंत रविंद्र पुरी महाराज ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह भारत का सौभाग्य है कि देश को नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिला, जिसकी कल्पना पहले नहीं की गई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को 'हिंदू हृदय सम्राट' बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण जैसा ऐतिहासिक कार्य पूरा हुआ।

उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित यह मुद्दा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सुलझा और उनके करकमलों द्वारा मंदिर का उद्घाटन होना पूरे सनातन समाज के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सनातन संस्कृति की रक्षा और उसके प्रचार-प्रसार के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। महंत रविंद्र पुरी ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के माथे पर त्रिपुंड, भगवा वस्त्र और माला धारण करने की छवि अद्भुत है। ऐसा प्रतीत होता है मानो कोई महर्षि या देवतुल्य व्यक्तित्व देश का नेतृत्व कर रहा हो।

उन्होंने आगे कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी जैसा नेतृत्व देश को 50 वर्ष पहले मिल गया होता, तो आज भारत का स्वरूप कुछ और ही होता। उन्होंने प्रधानमंत्री को सनातन धर्म का सबसे बड़ा प्रहरी बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर एक नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि आज कथावाचक और संत दुनिया भर में जाकर सनातन संस्कृति का प्रचार कर रहे हैं और भारत पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

महंत रविंद्र पुरी महाराज ने यह भी कहा कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि हर सनातनी और भारतीय नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह स्वयं को विकसित करे और देश को आगे बढ़ाने में योगदान दे। उन्होंने कहा कि जब समाज और राष्ट्र दोनों साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध राष्ट्र बनेगा।

--आईएएनएस

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