नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। कई बार ऐसा होता है कि सुबह उठते ही मुंह का स्वाद अजीब हो जाता है। रोजाना मुंह के स्वाद में बदलाव होना सही संकेत नहीं है।
कभी कड़वा, कसैला, या फिर अजीब सा महसूस होना, शरीर की बड़ी समस्या का संकेत देता है, जिसका मुख्य कारण है बिगड़ता हुआ पाचन। यह आपके शरीर के अंदर चल रही गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।
मुंह का स्वाद बार-बार बिगड़ने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें पाचन की समस्या, लिवर में परेशानी, मुंह की अस्वच्छता, अत्याधिक गैस और एसिड बनना शामिल है। जब शरीर में टॉक्सिन की मात्रा बढ़ जाती है तो मुंह का स्वाद बिगड़ता रहता है। इससे खट्टी डकारें आनी भी शुरू हो जाती है, जो स्वाद में बदलाव का प्रमुख कारण है।
लिवर की मंद कार्यगति भी मुंह का स्वाद बदलने का कारण हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि लिवर के कम काम करने से रक्त की शुद्धि नहीं हो पाती है और लिवर भोजन को पचाने के लिए एंजाइम का भी निर्माण करता है। लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने से पाचन पर सीधा असर पड़ता है, जिससे मुंह के स्वाद में परिवर्तन आता है। इसके साथ ही कब्ज की परेशानी होने पर भी मुंह के स्वाद में परिवर्तन होता है और सुबह उठते ही मुंह दुर्गंध से भरा होता है और स्वाद भी अजीब होता है।
कुछ लोग मसालेदार और तला भुना खाने के बाद ठीक से मुंह की सफाई नहीं करते, जिसकी वजह से मुंह की गंदगी पेट में जाती है और स्वाद और पाचन दोनों प्रभावित होते हैं। इससे भूख लगनी भी कम हो जाती है। अब सवाल है कि समाधान क्या है। आयुर्वेद में कई तरीके बताए गए हैं जिनसे पेट और शरीर को शुद्ध रखा जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले पाचन का सेवन करना चाहिए।
रात के समय त्रिफला का चूर्ण लेने से फायदा होगा। इससे पेट अच्छे से साफ होगा और शरीर से विषाक्त पदार्थ भी आसानी से निकल जाएंगे। पेट साफ रहेगा तो मुंह का स्वाद भी संतुलित रहेगा। मुंह के स्वाद को सही रखने के लिए मीठी सौंफ का भी सेवन कर सकते हैं। यह पेट को ठंडा रखेगी और मुंह का स्वाद भी अच्छा बना रहेगा और भूख भी बराबर लगेगी।
--आईएएनएस
पीएस/एएस