सूरत, 31 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 125वें संस्करण को संबोधित किया। उन्होंने समाज में प्रेरणा देने वाले लोगों का भी उल्लेख किया, जिनमें गुजरात के सूरत में रहने वाले जितेंद्र सिंह राठौड़ भी हैं।
जितेंद्र सिंह पिछले कई सालों से उन वीर जवानों की जानकारी जुटा रहे हैं, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
सुरक्षा गार्ड जितेंद्र सिंह ने आईएएनएस से खास बातचीत के दौरान बताया कि गुजरात में नौकरी करता हूं, इसलिए यहां फोटो संग्रह है। इसके अलावा शहीद संग्रह भी है। इसमें प्रथम विश्व युद्ध से अब तक के दो लाख सात हजार शहीद जवानों की जानकारी है। शहीद संग्रह 26 क्विंटल वजनी है। शहीद जवानों की जानकारी 176 रजिस्टर में लिखी है।
उन्होंने बताया कि वह सेना में भर्ती होना चाहते थे, लेकिन लंबाई कम होने के चलते चयन नहीं हो पाया।
जितेंद्र बताते हैं कि 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान समाचार पत्र में लिखे एक शहीद पिता के शब्द, “बेटा गया तो क्या हुआ, वतन तो सलामत है ना” ने उनके जीवन को बदल दिया और उन्होंने यह संकल्प लिया कि शहीदों की यादों को हमेशा जीवित रखेंगे। इसके बाद से उन्होंने शहीद परिवार की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से एकत्रित करनी शुरू की।
जितेंद्र सिंह पिछले 26 सालों से शहीद जवानों की जानकारी और तस्वीरें इकट्ठी कर रहे हैं। उनके पास अब तक 2 लाख से अधिक शहीदों का ब्योरा और 23,000 से ज्यादा शहीदों की तस्वीरें हैं। उनके पास 15,500 से अधिक शहीद परिवारों के संपर्क नंबर मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी जी ने मेरा जिक्र किया, इससे मैं बहुत खुश हूं। यह सम्मान मेरे लिए गर्व का विषय है। मैंने दो सिक्योरिटी की नौकरियों से जो भी कमाया, सब शहीदों की यादों को सहेजने में लगाया। मेरी ख्वाहिश है कि शहीदों के लिए एक अच्छा स्मारक या संग्रहालय बने, जहां आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की सच्ची प्रेरणा मिले।''
--आईएएनएस
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