नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू कश्मीर स्थित अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर वहां चल रहे आतंकवाद-रोधी अभियानों और मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है। इस दौरान उन्होंने यहां जमीनी हालात का जायजा लिया और सुरक्षा बलों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।
रविवार को भारतीय सेना ने बताया कि सेना प्रमुख को यहां चल रहे आतंकवाद-रोधी अभियानों, सुरक्षा ग्रिड की प्रभावशीलता और निरंतर सतर्कता बनाए रखने के लिए उठाए गए उपायों के बारे में जानकारी दी गई। चर्चा के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीकों के समावेश पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
गौरतलब है कि सेना में उन्नत और आधुनिक तकनीकों को शामिल करके सेना की परिचालन क्षमता को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सेना प्रमुख को इन तकनीकों, सुरक्षा व्यवस्था, सतर्कता उपायों और अभियानों की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी गई। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तैनात जवानों की तत्परता, समर्पण और पेशेवर रवैये की सराहना की और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखने पर बल दिया।
दरअसल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू कश्मीर में व्हाइट नाइट कॉर्प्स के तहत आने वाली काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (आर) का दौरा किया है। इसका मकसद इलाके की मौजूदा सुरक्षा हालात को समझना और देखना था। यहां पूरे क्षेत्र में अलग-अलग एजेंसियों के बीच असरदार तालमेल स्थापित किया गया है। इससे लगातार चौकसी बनाए रखी जा रही है, ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका व निष्क्रिय किया जा सके।
सेना लगातार अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर और बेहतर तरीके अपना रही है। साथ ही नई और आधुनिक तकनीक को अपनाकर जवानों के काम करने की क्षमता को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। जनरल द्विवेदी ने जवानों के काम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि कठिन हालात में भी जवान पूरी लगन, पेशेवर तरीके और जिम्मेदारी के साथ अपना फर्ज निभा रहे हैं। उन्होंने उनकी तैयारियों और सतर्कता की सराहना की।
इस दौरे से साफ संदेश गया कि भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है, हर हाल में तैयार है और देश की सुरक्षा के लिए जटिल से जटिल इलाकों में भी पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पुंछ में पूर्व सैनिकों से भी संवाद किया।
इस बातचीत के दौरान पूर्व सैनिकों की सैन्य सेवा के अनुभवों, मौजूदा कल्याणकारी पहलों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर चर्चा हुई। सीओएएस ने पुंछ ब्रिगेड में वीर नारियों और नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। यह संवाद सौहार्द और पारस्परिक सम्मान से परिपूर्ण रहा, जिसने सेवारत नेतृत्व और भारतीय सेना के पूर्व सैनिक समुदाय के बीच गहरे और स्थायी संबंध को रेखांकित किया।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस