नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही रिफ्रेशिंग फल खाने की इच्छा बढ़ जाती है क्योंकि तापमान इतना अधिक होता है कि खाने की बजाय, तरल पदार्थ पीने का मन ज्यादा करता है।
हर बदलते मौसम में प्रकृति भी अपना रूप बदल लेती है और गर्मियों में रस से भरे ताज़े फलों की बहुतायत होती है। गर्मियों की शुरुआत के साथ रसीले और मीठे तरबूज भी बाजार में आसानी से मिल जाते हैं।
आयुर्वेद में तरबूज को सिर्फ फल नहीं माना जाता, बल्कि इसे पित्त शामक फल की संज्ञा दी गई है। तरबूज को ज्येष्ठ के महीने का फल माना गया है क्योंकि उस वक्त तापमान सबसे अधिक गर्म होता है और तरबूज की तासीर ठंडी होती है। भले ही बाजार में अभी से तरबूज और खरबूज बाजार में मिलने लगते हैं, लेकिन फिलहाल उनका सेवन पाचन की समस्या पैदा कर सकता है। मौसम के अनुसार तरबूज खाने के अनगिनत फायदे हैं।
यह सिर्फ शरीर को हाइड्रेटेड नहीं रखता है, बल्कि वजन को भी नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें कैलोरी बहुत कम होती है और पानी की मात्रा ज्यादा होती है। ऐसे में एक बार सेवन के बाद लंबे समय तक भूख का अहसास नहीं होता है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। तरबूज खाने से शरीर में गर्मियों में पानी की कमी नहीं होती है क्योंकि तरबूज का 90 फीसदी हिस्सा पानी ही होता है। ऐसे में गर्मियों में तरबूज का सेवन लाभकारी है। यह चेहरे पर प्राकृतिक ग्लो लाने में भी मदद करता है और शरीर के तापमान को भी संतुलित रखता है।
तरबूज में विटामिन सी और विटामिन ए अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो चेहरे और बालों की हेल्थ के लिए लाभकारी है। विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करता है, जिससे गर्मियों में होने वाली अतिसार और जी घबराने की समस्या कम होती है। इसके अलावा तरबूज में एंटीऑक्सीडेंट्स भी मौजूद होते हैं, जो मांसपेशियों को रिकवर करने में मदद करते हैं।
अगर शरीर में सूजन की समस्या है, तब भी तरबूज का सेवन लाभकारी है। पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलकर शरीर मजबूती देने का काम करते हैं। गर्मियों में दोपहर के वक्त तरबूज जरूर खाएं। अगर काटकर खाने के लिए समय नहीं है, तो पुदीने के साथ मिलाकर उसका जूस भी पी सकते हैं, लेकिन जूस को बिना छाने पिएं।
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