मुंबई, 10 मार्च (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने मंगलवार को ब्रोकर्स से वित्त वर्ष 2023-24 और उससे पहले सालों में एकत्रित किए गए अतिरिक्त सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी), जो कि सरकार को जमा नहीं किया गया है, को लौटाने और खुलासा करने को कहा है।
एनएसई ने यह कदम इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से निर्देश मिलने के बाद उठाया है।
सर्कुलर में एनएसई ने कहा कि यह कदम आयकर के संयुक्त आयुक्त, रेंज 7(1) से संदेश मिलने के बाद उठाया गया है, जिसमें यह बताया गया था कि कुछ ब्रोकरों ने आवश्यक राशि से अधिक एसटीटी एकत्र किया था और इसे सरकारी खाते में जमा करने के बजाय अपने पास रखा था।
एनएसई सर्कुलर में ब्रोकरों और उप-ब्रोकरों को 31 मार्च, 2023 तक एकत्रित और जमा न किए गए अतिरिक्त एसटीटी का विवरण सीधे एक्सचेंज को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
साथ ही कहा कि ब्रोकरों को अतिरिक्त एसटीटी सर्कुलर प्रकाशित होने के सात दिनों के भीतर एक्सचेंज के पास जमा करनी होगी।
एसटीटी, शेयर बाजार में प्रतिभूतियों की खरीद बिक्री पर लगने वाला टैक्स है।
एक्सचेंज ने कहा कि ब्रोकरों को अतिरिक्त एसटीटी और देरी के प्रत्येक महीने पर 1 प्रतिशत ब्याज सहित तुरंत एनएसई को जमा करनी होगी और इसकी सूचना आयकर विभाग को देनी होगी। एक्सचेंज वसूल की गई राशि को सरकारी खाते में जमा करेगा।
एनएसई के सर्कुलर में आयकर संयुक्त आयुक्त के 5 मार्च के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया, "यह अनुरोध किया जाता है कि एक सर्कुलर जारी किया जाए जिसमें सभी सदस्यों, ब्रोकरों/उप-ब्रोकरों से वित्तीय वर्ष 2023-24 और उससे पहले के वर्षों के लिए 31.03.2023 तक उनके द्वारा एकत्र किए गए और उनके पास रखे गए अतिरिक्त एसटीटी का विवरण सीधे 'नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड' को प्रस्तुत करने का अनुरोध किया जाए, जिसकी सूचना इस कार्यालय को भी दी जाए।"
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