लखनऊ, 6 फरवरी (आईएएनएस)। गौमाता पर आधारित पहली फिल्म ‘गोदान’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। यह फिल्म पूरी तरह से गौमाता को समर्पित है और भारतीय संस्कृति व सनातन धर्म के मूल्यों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करती है।
फिल्म के प्रचार-प्रसार प्रभारी शांतनु शुक्ला ने बताया कि ‘गोदान’ हम सभी को अपनी संस्कृति और धर्म से जोड़ने का कार्य करती है। फ़िल्म में यह दिखाया गया है कि किस प्रकार वैज्ञानिक तरीकों से गौमाता मानव जीवन के लिए उपयोगी और आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म देश के युवाओं को गौमाता की उपयोगिता और महत्व को समझाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
फिल्म यह संदेश देती है कि अपनी जड़ों से जुड़कर व्यक्ति को आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है। कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए इसमें कई सच्ची घटनाओं को भी शामिल किया गया है। ‘गोदान’ न सिर्फ मनोरंजन प्रदान करती है, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और आध्यात्मिक संदेश भी देती है।
शांतनु शुक्ला ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब फिल्में सिर्फ पारंपरिक पारिवारिक कहानियों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि सामाजिक विषयों, नए विचारों और अलग-अलग विधाओं पर भी सशक्त सिनेमा बनाया जा रहा है। ‘गोदान’ इसी परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो युवाओं को अपनी संस्कृति और सनातन मूल् को जानने और समझने का अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने आगे कहा कि मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता,उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का आभार प्रकट करना चाहता हूं, जिन्होंने इस फिल्म को अपना पूरा सहयोग दिया।
शांतनु शुक्ला ने कहा कि मैं परम पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज,परम पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर कैलाश आनंद गिरि जी महाराज,परम पूज्य मुरारी बापू,परम पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि जी महाराज, परम पूज्य आचार्य प्रमोद कृष्णम जी महाराज, बालकृष्ण जी महाराज, देवी चित्रलेखा जी, परम पूज्य प्रेमानंद जी महाराज का भी आभार प्रकट करना चाहता हूं, जिन्होंने इस फिल्म को अपना आशीर्वाद दिया।
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