भागलपुर, 15 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेकर युवा अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं। इसी क्रम में बिहार के कृष्णा आशीष ने अपने कारोबार को न सिर्फ आगे बढ़ाया, बल्कि अन्य लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
भागलपुर जिले के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के काजीचक निवासी कृष्णा आशीष ने संघर्ष और आत्मविश्वास के दम पर एक बार फिर अपने कारोबार को नई पहचान दिलाई है। वर्ष 2017 में उन्होंने फाइबर और फ्लावर से सजावटी सामान बनाने का व्यवसाय शुरू किया था।
शुरुआत में उनका काम धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था, लेकिन कोरोना काल के दौरान एक दुर्घटना और आर्थिक संकट ने उनके कारोबार को लगभग पूरी तरह से प्रभावित कर दिया। इस कठिन दौर के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा अपने व्यवसाय को खड़ा करने के लिए प्रयास शुरू किए।
कोरोना काल के बाद उन्हें जानकारी मिली कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना के तहत लोन लेकर स्वरोजगार को बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग के माध्यम से आवेदन किया।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका रजिस्ट्रेशन स्वीकृत हुआ और बैंक ऑफ इंडिया के जरिए उन्हें 9 लाख 45 हजार रुपए का ऋण उपलब्ध कराया गया। इस वित्तीय सहायता ने उनके व्यवसाय को फिर से गति देने में अहम भूमिका निभाई।
लोन मिलने के बाद कृष्णा आशीष ने अपने फाइबर और फ्लावर से बने डेकोरेशन आइटम के उत्पादन को बढ़ाया। उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले सजावटी सामान का उपयोग टेंट की सजावट, रिसॉर्ट, होटल और बैंक्वेट हॉल में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
उनके उत्पादों की मांग अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के कई जिलों तक पहुंच चुकी है। झारखंड के गिरिडीह, तीनपहाड़, देवघर, बासुकीनाथ और दुमका के साथ-साथ बिहार के नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, मुंगेर और सीमांचल के अन्य इलाकों में भी उनके उत्पादों की अच्छी मांग है।
कृष्णा आशीष के इस उद्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। वर्तमान में उनके फाइबर और फ्लावर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में लगभग 12 से 15 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला हुआ है। उनका कहना है कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ-साथ वह अन्य लोगों को रोजगार देने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।
बिहार में फाइबर से डेकोरेशन आइटम तैयार करने वाले प्लांट की संख्या भी सीमित है। भागलपुर के अलावा पटना, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में इस तरह के प्लांट संचालित हो रहे हैं। ऐसे में भागलपुर में इस तरह का उद्योग स्थानीय स्तर पर सजावटी सामग्री की मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
पीएमईजीपी योजना के लाभार्थी और कृष्णा फाइबर के ऑनर कृष्णा आशीष ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उनका व्यवसाय फाइबर और फ्लावर से सजावटी सामग्री बनाने से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि 2024 में उनके साथ एक दुर्घटना हो गई थी, जिससे उनका काम प्रभावित हुआ। इसके बाद कई लोगों ने उन्हें पीएमईजीपी योजना के बारे में बताया। उन्होंने पंजीकरण कराया और बैंक ऑफ इंडिया में खाता खुलवाया। सभी कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें 9 लाख 45 हजार रुपए का लोन मिला।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ मिलने के बाद उनके कारोबार में काफी बढ़ोतरी हुई है। अब वह टेंट सजावट से जुड़े सामान, रिसॉर्ट और बैंक्वेट हॉल में इस्तेमाल होने वाले कई प्रकार के डेकोरेशन आइटम तैयार कर रहे हैं। कृष्णा आशीष का कहना है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना बेरोजगार युवाओं के लिए बेहद फायदेमंद है। इस योजना ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है और इसके लिए वह प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हैं।
--आईएएनएस
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