नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। आज की रफ्तार भरी जिंदगी में सेल्फ केयर के लिए समय नहीं बचता है, इसलिए स्किन को चमकदार बनाने के लिए महंगे क्रीम और ट्रीटमेंट की तरफ लोगों का रुझान बढ़ रहा है।
महंगे क्रीम और ट्रीटमेंट सिर्फ कुछ समय तक अस्थायी परिणाम देते हैं, ये स्किन को गहराई से पोषण न देकर सिर्फ ऊपर से साफ करने में कारगर होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी किचन में आपकी त्वचा को दूध सा चमकाने वाला एक छोटा और स्थायी समाधान मौजूद है? हम बात कर रहे हैं आंवला की।
आंवला को अभी तक बालों और पेट के लिए लाभकारी बताया गया है, लेकिन ये सिर्फ पेट के लिए ही नहीं, बल्कि स्किन के लिए भी संजीवनी की तरह काम करता है। आंवला का सेवन झुर्रियां, ड्राई स्किन और समय से पहले आने वाले बुढ़ापा को रोकने में मदद करता है और पूरे शरीर को डिटॉक्स भी करता है। कुल मिलाकर छोटा सा आंवला संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक संजीवनी है।
आंवला वैसे तो पूरे शरीर के लिए संजीवनी की तरह काम करता है, लेकिन ये स्किन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आंवला में विटामिन सी बहुत ज्यादा होता है। ये त्वचा में कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता है जिससे त्वचा में कसाव और ग्लो दोनों आता है। इसमें पॉलीफेनॉल्स भी होते हैं, जो त्वचा को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और फ्री रेडिकल्स से मुक्त करते हैं। जब त्वचा में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है तो झुर्रियां जल्दी नहीं आती।
आंवला में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को डैमेज होने से बचाते हैं और प्राकृतिक ग्लो को बरकरार रखते हैं। इसके अलावा, आंवला का सेवन रक्त की शुद्धि भी करता है। रक्त की शुद्धि त्वचा को चमकदार और ग्लोइंग बनाने में मदद करती है। आंवला में हॉर्मोन को संतुलित रखने की क्षमता भी होती है। हॉर्मोन के असंतुलन से त्वचा से जुड़ी परेशानी बढ़ जाती हैं, जैसे मुहांसे आना और अनचाहे बाल का चेहरे पर आना। आंवला इन सभी परेशानियों से स्थायी रूप से निजात दिलाता है।
आंवला में संतरे की तुलना में 20 गुना ज्यादा विटामिन सी होता है। अगर आप पूरे साल आंवला का सेवन करना चाहते हैं तो इसे सुखाकर पाउडर भी बना सकते हैं। सर्दियों में फ्रेश आंवला के सेवन के साथ गर्मियों में उसका पाउडर स्किन और पेट दोनों के लिए लाभकारी है। आंवला का सेवन अचार या जूस की तरह भी किया जा सकता है। कुछ बेसिक मसालों के साथ आंवला का स्वाद बहुत बढ़ जाता है और उसका कड़वापन भी कम हो जाता है।
--आईएएनएस
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