सहारनपुर, 27 मई (आईएएनएस)। पद्मश्री भारत भूषण ने पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत सबको साथ लेकर चलने की क्षमता है। पीएम मोदी के कार्यकाल में लिए गए फैसलों के अलावा उन्होंने कई अहम मुद्दों पर आईएएनएस के साथ खास बातचीत की।
सवाल : पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल को आप कैसे देखते हैं?
जवाब : 12 घंटे के बाद तो सूर्य भी इधर से उधर आ जाता है और परिवर्तन साफ दिखाई देता है। राष्ट्रीय विकास, अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा, संस्कृति के वैभव और शौर्य को देखें, वैज्ञानिकों के आत्मविश्वास और उन्हें कार्य करने के अवसरों को देखें, तो आज पीएम मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियां अद्भुत हैं। सड़कों का जाल, चिकित्सा का विकास, कृषि का विकास और मंगल ग्रह पर अपनी उपस्थिति। इतना सब देखने के बाद क्या कहना बाकी रह जाता है। अगर देश में विकास नहीं होता तो जनता 12 साल बाद भी इन्हें पसंद क्यों करती? जो काम नहीं करते हैं तो जनता उन्हें भी उखाड़कर फेंक देती है।
सवाल : प्रधानमंत्री मोदी ने योग को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया है। भारत की छवि अब विदेशों में कितनी मजबूत दिखती है?
जवाब : प्रधानमंत्री ने योग को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया और उनमें एक योग साधक की छवि दिखाई देती है। उनका विश्वास और विशाल हृदय योग की देन है। दुनिया की लड़ाई आज हथियारों से हो रही है, लेकिन जहां विवेक और बुद्धि काम करती है, वहां बिना हथियारों के भी वैश्विक वर्चस्व स्थापित किया जा सकता है। महाभारत के समय कृष्ण के मार्गदर्शन में योग की शक्ति से भारत ने अपना लोहा मनवाया। आज विश्व युद्ध जैसी स्थिति के कगार पर भी दुनिया खड़ी है और भारत की ओर आशा की किरण के साथ देख रही है। कोरोना काल में योग ने एक रास्ता दिखाया। भारत सरकार ने प्रोटोकॉल बनाए और पूरी दुनिया को वैक्सीन उपलब्ध कराए। योग सोच देता है, निकटता देता है, एकात्मकता देता है। पूरी दुनिया को एक परिवार मानने वाले व्यक्ति नरेंद्र मोदी हैं।
सवाल : पीएम मोदी भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी और प्राकृतिक खेती अपनाने की बात कर रहे हैं। आप उनके इस विजन को कैसे देखते हैं?
जवाब : स्वदेशी और प्राकृतिक खेती आत्मनिर्भरता का पहला सूत्र है। यह हमें सामर्थ्यवान बनाता है। हमें केमिकल युक्त उत्पादों से बचना चाहिए। हमारा खानपान स्वदेशी और आहार विज्ञान पर आधारित होना चाहिए। मैं स्वदेशी खाना और स्वदेशी पहनावा अपनाने के कारण आज भी स्वस्थ हूं। इससे आत्मनिर्भरता बढ़ती है और स्वाभिमान भी। प्रधानमंत्री द्वारा चलाया गया स्वदेशी अभियान हमारे उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।
सवाल : अब खास लोगों के अलावा देश के बिना चमक-धमक वाले काम करने वालों को भी पद्म अवॉर्ड मिल रहे हैं। आप क्या कहना चाहेंगे?
जवाब : खास का मतलब चाटुकारों या पसंदीदा लोगों को अवॉर्ड देना नहीं होना चाहिए। जो धर्म परिवर्तन कर विवाह करते हैं या जो शराब में डूबे रहते हैं, उन्हें पद्म भूषण जैसे अवॉर्ड मिलना हमारे स्तर को गिराता है। सरकार को छुपी हुई प्रतिभाओं को ढूंढना चाहिए, उन्हें सिर्फ सम्मान नहीं, आगे बढ़ने के अवसर भी देने चाहिए। मैंने कभी नहीं सुना कि एक साल में पांच-पांच भारत रत्न दिए जाएं। मेरी पसंद की सरकार है, इसलिए सही को सही और गलत को गलत कहना चाहिए।
सवाल : मोदी सरकार ने डिजिटल इंडिया, उज्ज्वला योजना, मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं से देश के विकास को गति दी है। इनके सफल क्रियान्वयन में पीएम मोदी की क्षमता कितनी साबित होती है?
जवाब : प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि ‘सर्वजन हिताय, राष्ट्र हिताय’ पर आधारित है। अंतिम छोर तक पहुंचना और आत्मनिर्भरता का मंत्र हर व्यक्ति तक पहुंचता है। मेक इन इंडिया के तहत हमारी प्रतिभाएं अब विदेशों में नहीं, अपने देश के लिए काम कर रही हैं। भारत में दुनिया का सबसे तेज डिजिटलीकरण हुआ है। दूसरे देश अब भारत से सीखना चाहते हैं। परमात्मा प्रधानमंत्री मोदी को दीर्घायु दें। दुनिया में कोई शक्ति उन्हें रोक नहीं सकती।
सवाल : सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की सैन्य ताकत को वैश्विक स्तर पर साबित किया। इस पर क्या कहना है?
जवाब : सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को पूरी दुनिया ने देखा। हमारी बढ़ती शक्ति के साथ सतर्कता भी बढ़ानी होगी। प्रधानमंत्री का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी रुका नहीं है, सिर्फ कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह सबसे बड़ी सैन्य घटनाओं में से एक है।
सवाल : पीएम मोदी को 12 साल के कार्यकाल के लिए क्या शुभकामनाएं देंगे?
जवाब : जिस व्यक्ति ने अपना निजी जीवन पूरी तरह सार्वजनिक बना लिया हो, जिसका कोई पन्ना छिपा न हो, वह राष्ट्र का सच्चा नागरिक है। उनकी सबसे बड़ी शक्ति है कि उनमें सभी को साथ लेकर चलने की ताकत।
--आईएएनएस
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