नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। आरसीबी को आईपीएल की सबसे लोकप्रिय फ्रेंचाइजी माना जाता है। मंगलवार को आरसीबी का स्वामित्व आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम के पास करीब 16,660 करोड़ रुपये में चला गया। इस डील ने खेल जगत में आरसीबी को फिर से चर्चा में ला दिया है। नीदरलैंड के तेज गेंदबाज पॉल वैन मीकेरेन ने इस बड़ी रकम के छोटे से हिस्से को एसोसिएट क्रिकेट के विकास में लगाने की वकालत की है।
पॉल वैन मीकेरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी मांग रखी है।
मीकेरेन ने एक्स पर लिखा, "अगर इस वैल्यू का केवल 0.5 प्रतिशत भी नीदरलैंड क्रिकेट बोर्ड को दे दिया जाए तो यह यहां की क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।"
क्रिकेटर का मानना है कि इससे एसोसिएट और फुल मेंबर टीमों के बीच का अंतर काफी हद तक कम किया जा सकता है और क्रिकेट को और अधिक वैश्विक बनाया जा सकता है।
नीदरलैंड की टीम ने हाल ही में टी20 विश्व कप 2026 में हिस्सा लिया था। नीदरलैंड ने पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम को कड़ी टक्कर दी थी। साथ ही भारत के खिलाफ भी प्रतिस्पर्धी खेल दिखाया था। हालांकि, टीम ग्रुप स्टेज में चार मैचों में सिर्फ एक जीत के साथ बाहर हो गई थी।
वैन मीकेरेन अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं जो यह मांग उठा रहे हैं। ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह और नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने भी आईसीसी से अपील की है कि एसोसिएट टीमों को बड़े टूर्नामेंट्स के अलावा भी नियमित रूप से टॉप टीमों के खिलाफ खेलने के मौके दिए जाएं।
देखना दिलचस्प होगा कि क्या वैन मीकेरेन की अपील पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं। फिलहाल, उनकी यह बात क्रिकेट को अधिक समावेशी और वैश्विक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुझाव के रूप में देखी जा रही है।
--आईएएनएस
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