राज्यसभाः ड्रग्स के बढ़ते खतरे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग

राज्यसभा : ड्रग्स के बढ़ते खतरे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग नई

दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। देश में बढ़ते नशे के खतरे को लेकर राज्यसभा में गहरी चिंता व्यक्त की गई। मंगलवार को इस विषय पर कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी के सांसद जग्गेश ने राज्यसभा में अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि भारत में तेजी से फैल रहा ड्रग्स का जाल न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के लिए भी एक गंभीर खतरा बन चुका है। सांसद जग्गेश ने कहा कि देशभर में ड्रग्स का दुरुपयोग और तस्करी तेजी से बढ़ रही है, खासकर छात्रों और कामकाजी पेशेवरों के बीच इसका प्रभाव चिंताजनक है।

उन्होंने बताया कि सिंथेटिक ड्रग्स संगठित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए फैलाए जा रहे हैं। ये नेटवर्क शहरी इलाकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय संकट के बीच बेंगलुरु एक विशेष रूप से चिंताजनक उदाहरण बनकर उभरा है। एक बड़े महानगर और तकनीकी केंद्र होने के कारण यहां ड्रग्स की खपत और तस्करी में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। शैक्षणिक संस्थान, कार्यस्थल, मनोरंजन केंद्र और रिहायशी इलाके ड्रग्स माफिया के प्रमुख निशाने बनते जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि मजबूत खुफिया तंत्र, निवारक उपाय और समन्वित प्रवर्तन की तत्काल आवश्यकता है।

जग्गेश ने कहा कि नशे का असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरे परिवार को तबाह कर देता है। इससे आर्थिक संकट, घरेलू विवाद और गहरा मानसिक आघात पैदा होता है। साथ ही, नशा अपराध, मानसिक बीमारियों, सड़क दुर्घटनाओं, कार्यस्थल की उत्पादकता में गिरावट और व्यापक सामाजिक अस्थिरता को भी बढ़ावा देता है।

उन्होंने सदन में चिंता व्यक्त कि की इतने गंभीर खतरे के बावजूद दोष सिद्ध होने (कन्विक्शन) की दर बेहद कम बनी हुई है, जो जांच और अभियोजन प्रक्रिया में गंभीर खामियों को दर्शाती है। इसके अलावा, नशा मुक्ति, परामर्श और जन-जागरूकता कार्यक्रम भी अपर्याप्त हैं। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राज्य सरकारें, जिनमें कर्नाटक भी शामिल है, इस समस्या से निपटने में आवश्यक गंभीरता और निरंतर प्रतिबद्धता दिखाने में विफल रही हैं, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रयास कमजोर पड़ रहे हैं।

जग्गेश ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ एक व्यापक और निर्णायक रणनीति अपनाने की जरूरत है। इसमें सख्त कानून प्रवर्तन, व्यापक जन-जागरूकता, शुरुआती हस्तक्षेप, और सुलभ नशा मुक्ति व पुनर्वास सुविधाएं शामिल होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह ड्रग्स के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ एक मजबूत राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व करे, ताकि युवाओं की रक्षा की जा सके, परिवारों को सुरक्षित रखा जा सके और समाज को मजबूत बनाया जा सके।

--आईएएनएस

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