मुंबई, 3 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में कुछ जोड़ियां ऐसी बनीं, जिन्हें लोग सिर्फ फिल्मों या गानों से नहीं, बल्कि एक खास एहसास के रूप में याद करते हैं। ऐसी ही एक जोड़ी थी, अभिनेता राजेश खन्ना और गायक किशोर कुमार की। पर्दे पर राजेश खन्ना की मुस्कान और किशोर कुमार की आवाज ने मिलकर ऐसा जादू चलाया कि कई गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं। इस मशहूर जोड़ी के पीछे एक दिलचस्प कहानी भी है।
कहा जाता है कि किशोर कुमार किसी भी कलाकार के लिए गाना गाने से पहले उसे समझना चाहते थे और इसी वजह से उन्होंने राजेश खन्ना से मुलाकात कर उन्हें परखा था। यही रिश्ता बाद में हिंदी सिनेमा की सबसे सफल आवाज-अभिनेता जोड़ियों में शामिल हो गया।
किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। उनके पिता कुंजलाल गांगुली वकील थे और परिवार का फिल्मी दुनिया से जुड़ाव उनके बड़े भाई अशोक कुमार के कारण हुआ। अशोक कुमार हिंदी सिनेमा के बड़े अभिनेता बन चुके थे, जिसके बाद किशोर कुमार भी मुंबई पहुंचे।
शुरुआत में किशोर कुमार का सपना बड़ा गायक बनने का नहीं था। उन्होंने फिल्मों में अभिनय भी किया, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि संगीत ही उनकी असली पहचान है। शुरुआती दौर में वह महान गायक केएल सहगल से प्रभावित थे और उनकी तरह गाने की कोशिश करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने अलग शैली बनाई। उनकी आवाज में मस्ती, दर्द और अलग अंदाज था, जिसने बाकी गायकों से अलग पहचान दिलाई।
किशोर कुमार के करियर में साल 1969 की फिल्म 'आराधना' एक बड़ा मोड़ लेकर आई। इस फिल्म के संगीत पर काम चल रहा था। संगीतकार एसडी बर्मन और निर्देशक शक्ति सामंत चाहते थे कि राजेश खन्ना के लिए किशोर कुमार आवाज दें। उस समय राजेश खन्ना नए कलाकार थे और किशोर कुमार किसी नए अभिनेता के लिए बिना उसे जाने गाना नहीं चाहते थे।
कहा जाता है कि किशोर कुमार ने साफ कहा कि वह पहले राजेश खन्ना से मिलना चाहते हैं। इसके बाद राजेश खन्ना को किशोर कुमार के घर भेजा गया। दोनों की मुलाकात हुई और किशोर कुमार ने उनसे बातचीत की। राजेश खन्ना के जवाब और उनके व्यक्तित्व से किशोर कुमार प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने उनके लिए गाने की हामी भर दी।
फिल्म 'आराधना' के गाने 'मेरे सपनों की रानी' और 'रूप तेरा मस्ताना' जब रिलीज हुए तो पूरे देश में छा गए। इन गानों ने न सिर्फ किशोर कुमार को नई ऊंचाई दी, बल्कि राजेश खन्ना को भी सुपरस्टार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद दोनों की जोड़ी लगातार सफल होती गई।
राजेश खन्ना और किशोर कुमार की साझेदारी इतनी मजबूत हुई कि किशोर कुमार ने राजेश खन्ना पर फिल्माए गए करीब 245 गाने गाए। दोनों ने लगभग 92 फिल्मों में साथ काम किया। यह रिकॉर्ड हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार गायक-अभिनेता जोड़ियों में गिना जाता है। राजेश खन्ना की रोमांटिक छवि और किशोर कुमार की आवाज ने मिलकर 'अमर प्रेम', 'कटी पतंग' और 'हाथी मेरे साथी' जैसी फिल्मों के गानों को अमर बना दिया।
किशोर कुमार ने अपने करियर में कई बड़े संगीतकारों के साथ काम किया। आरडी बर्मन, एसडी बर्मन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और कई अन्य संगीतकारों के साथ उनकी जोड़ी खूब पसंद की गई। उन्होंने हिंदी के अलावा बंगाली, मराठी और कई दूसरी भाषाओं में भी गाने गाए। उनकी उपलब्धियों की बात करें तो किशोर कुमार ने आठ बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता। 13 अक्टूबर 1987 को दिल का दौरा पड़ने से किशोर कुमार का निधन हो गया।
--आईएएनएस
पीके/एबीएम