जोधपुर, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। शक्ति की आराधना के पावन पर्व नवरात्र के पहले दिन रविवार को जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ दुर्ग पर स्थित मां चामुंडा के दरबार में आस्था का अपार सैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह से ही मां के दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। पूरा मेहरानगढ़ परिसर माता के जयकारों और भजनों से गंजायमान हो उठा।
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ ही मेहरानगढ़ स्थित मां चामुंडा मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। जोधपुर शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों और अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में भक्त माता का आशीर्वाद लेने पहुंचे। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में माँ के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह नजर आया।
मंदिर से जुड़े पुजारी घनश्याम त्रिवेदी ने मंदिर का महत्व बताते हुए जानकारी दी कि सुबह 7.30 बजे पहली आरती के साथ विधिवत अनुष्ठान शुरू हुए, जिसमें बाबजी हुकुम की ओर से घट स्थापना की पूजा संपन्न हुई। मंदिर में आठ दिनों तक सप्तशती पाठ चलेंगे, अष्टमी की रात को भव्य हवन होगा और नवमी के दिन पूर्णाहुति होगी।
पंडित घनश्याम त्रिवेदी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "यह मंदिर बहुत प्राचीन है। राजा राव जोधा ने मंदिर की स्थापना कराई थी। इस मंदिर से मारवाड़ के लोगों की आस्था जुड़ी है। ये लोग मां चामुंडा को अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं। नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से लोग मंदिर में दर्शन पूजन के लिए पहुंचते हैं।"
इतिहासकारों के अनुसार, जोधपुर के संस्थापक राव जोधा ने विक्रम संवत 1517 (करीब 563 साल पहले) मंडोर से लाकर मां चामुंडा की इस दिव्य प्रतिमा को मेहरानगढ़ दुर्ग में स्थापित किया था। मारवाड़ के राजवंश और आम जनमानस की मां चामुंडा में अटूट आस्था है। मंदिर से जुड़े लोगों का मानना है कि इतिहास में संकट के दौर में जब दुश्मन देश द्वारा बम फेंके गए थे, तब मां के आशीर्वाद से एक भी बम नहीं फटा और कोई नुकसान नहीं हुआ, जिससे भक्तों की आस्था और अधिक प्रगाढ़ हो गई है। शहरवासियों का मानना है कि संकट के हर दौर में मां ने जोधपुर की रक्षा की है।
मेहरानगढ़ पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि सच्चे मन और सच्ची भावना से आने वाले हर भक्त की मनोकामना मां चामुंडा अवश्य पूरी करती हैं। कई भक्त परंपरा के अनुसार नौ दिनों तक अन्न का त्याग कर या मौन व्रत रखकर माता की आराधना में लीन हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में मारवाड़ की कुलदेवी के प्रति अगाध श्रद्धा और उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है।
श्रद्धालु ललित परमार ने आईएएनएस से कहा कि हम लोग माता रानी के दर्शन करने के लिए आए हैं। हम लोग सुबह 5 बजे से लाइन में खड़े थे। लोग नवरात्रि के समय यहां अधिक संख्या में पहुंचते हैं।
मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं दीपिका ने कहा, "यहां मान्यता है कि सच्ची भावना से जो भक्त आते हैं, उनकी हर आस पूरी होती है। हर साल हम लोग नवरात्र में नौ दिन मंदिर में आते हैं।"
मेहरानगढ़ दुर्ग पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाधिकारी देवेंद्र देवड़ा ने बताया कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन अवकाश और रविवार होने के कारण देवी के दर्शन के लिए भारी उमंग देखी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर जयपोल, मित्यापोल, फतेहपोल और जोधा प्याऊ के आसपास त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने के लिए हर स्तर पर रोक-रोककर प्रवेश दिया जा रहा है। नवरात्र के पहले दिन मेहरानगढ़ में कम से कम 10 से 15 हजार लोगों के दर्शन करने की संभावना है।
--आईएएनएस
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