पूर्व सेना प्रमुख नरवणे ने किताब विवाद पर लगाया विराम, प्रकाशक के बयान को किया पोस्ट

'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की प्रतिक्रिया-

नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर संसद में गतिरोध जारी है। इसी बीच पूर्व सेना प्रमुख ने मंगलवार को विवाद पर विराम लगा दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किताब से संबंधित प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के आधिकारिक बयान को रीपोस्ट किया। इसके साथ ही पूर्व सेना प्रमुख ने पोस्ट में लिखा, "किताब की वर्तमान स्थिति यह है।"

इससे पहले पेंगुइन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपने आधिकारिक बयान को सामने रखा। इस पोस्ट में लिखा था, ''किताब पर हालिया सार्वजनिक चर्चा और मीडिया रिपोर्टों के मद्देनजर, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया यह स्पष्ट करना चाहता है कि भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के प्रकाशन का एकमात्र अधिकार हमारे पास है। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा पुस्तक की कोई भी प्रति, मुद्रित या डिजिटल रूप में प्रकाशित, वितरित, बेची या किसी अन्य माध्यम से जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है।''

पब्लिशिंग हाउस ने कहा कि अगर वर्तमान में इस पुस्तक की कोई भी प्रति पूर्ण या आंशिक, मुद्रित, डिजिटल, पीडीएफ या किसी अन्य प्रारूप में ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही हो तो यह पीआरएचआई के कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही प्रकाशक ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, ''पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया इस पुस्तक के अवैध और अनधिकृत प्रसार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करेगा।''

वहीं, मंगलवार को राहुल गांधी ने एक बार फिर सरकार और पुस्तक के प्रकाशक पेंगुइन पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया है कि संस्मरण पब्लिक डोमेन में हैं और भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह 'असुविधाजनक सच्चाई' को फैलने से रोकने के लिए इसे दबाने की कोशिश कर रही है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि यह पुस्तक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन पर उपलब्ध है, जिसे पेंगुइन ने सिरे से खारिज कर दिया।

उन्होंने पत्रकारों को सेना के एक पूर्व प्रमुख द्वारा 2023 में की गई एक एक्स पोस्ट भी दिखाई, जिसमें उन्होंने लोगों से 2020 में गलवान झड़प में हुई घटनाओं का विवरण देने वाले संस्मरण को पढ़ने का आग्रह किया था।

--आईएएनएस

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